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बीएलओ चुनाव आयोग और नागरिकों के बीच संपर्क की पहली कड़ी, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बूथ लेवल अधिकारी चुनाव आयोग और नागरिकों के बीच पहली संपर्क कड़ी हैं। गोवा के एक हजार से अधिक बीएलओ शामिल हुए।

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने बुधवार को गोवा के बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बीएलओ चुनाव आयोग और आम नागरिकों के बीच संपर्क की पहली कड़ी हैं। गोवा में आयोजित इस संवाद कार्यक्रम में राज्य के अलग-अलग हिस्सों से 1,000 से अधिक बीएलओ ने हिस्सा लिया।

ज्ञानेश कुमार ने बीएलओ की भूमिका को चुनाव प्रक्रिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर मतदाताओं से सीधा संपर्क रखने वाले अधिकारी चुनाव आयोग की व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। मतदाता सूची से जुड़े कार्यों, मतदाताओं की समस्याओं और चुनाव संबंधी जानकारी को नागरिकों तक पहुंचाने में बीएलओ की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

संवाद के दौरान बीएलओ ने अपने क्षेत्र में चुनावी कार्यों से जुड़े अनुभव और चुनौतियां भी साझा कीं। कार्यक्रम का उद्देश्य जमीनी स्तर पर चुनावी प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने तथा अधिकारियों और चुनाव आयोग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा।

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सीईसी ने अधिकारियों को मतदाताओं के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में नागरिकों का विश्वास बनाए रखना बेहद जरूरी है और इसमें बीएलओ की भूमिका महत्वपूर्ण है।

बूथ लेवल अधिकारी आमतौर पर मतदाता सूची के सत्यापन, नए मतदाताओं के पंजीकरण, नाम या विवरण में सुधार और मतदाता संबंधी अन्य प्रक्रियाओं में सहायता करते हैं। वे अपने संबंधित मतदान केंद्र क्षेत्र में चुनाव आयोग के स्थानीय प्रतिनिधि के रूप में काम करते हैं।

गोवा में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बीएलओ की भागीदारी को चुनाव आयोग के जमीनी स्तर पर संवाद बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों के साथ सीधे संवाद के जरिए चुनाव से संबंधित प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने और मतदाताओं तक सेवाओं की पहुंच मजबूत करने पर जोर दिया गया।

ज्ञानेश कुमार ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव व्यवस्था के लिए चुनाव आयोग और नागरिकों के बीच मजबूत संपर्क आवश्यक है। बीएलओ इस संपर्क को जमीन पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम में शामिल अधिकारियों ने भी अपने क्षेत्र से जुड़े अनुभव साझा किए और चुनाव प्रक्रिया को और सुचारु बनाने के लिए सुझाव दिए। आयोग की ओर से जमीनी स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों के साथ ऐसे संवाद को चुनावी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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