केंद्र सरकार ने पीएम उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी वाले एलपीजी रिफिल 9 से घटाकर 4 किए
केंद्र सरकार ने पीएम उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी सब्सिडी रिफिल 9 से घटाकर 4 कर दिए हैं। वैश्विक संकट और आपूर्ति दबाव को कारण बताया गया है।
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत मिलने वाले सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर रिफिल की संख्या में कटौती कर दी है। अब इस योजना के लाभार्थियों को साल में 9 सिलेंडर की जगह केवल 4 सब्सिडी वाले रिफिल ही मिल सकेंगे।
यह निर्णय वैश्विक स्तर पर एलपीजी आपूर्ति पर बने दबाव और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण ऊर्जा बाजार में बढ़ी अस्थिरता के बीच लिया गया है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत वर्ष 2016 में हुई थी, और तब से अब तक देश में 10.55 करोड़ से अधिक एलपीजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इस योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना था ताकि वे लकड़ी और कोयले जैसे पारंपरिक ईंधनों पर निर्भर न रहें।
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हालांकि सरकार की ओर से इस कटौती के लागू होने की आधिकारिक तारीख स्पष्ट नहीं की गई है, लेकिन इसका संकेत 7 जून 2026 को घरेलू एलपीजी कीमतों में बढ़ोतरी से जुड़े प्रेस बयान में दिया गया था।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति संबंधी चुनौतियों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
इस बदलाव का असर उज्ज्वला योजना के करोड़ों लाभार्थियों पर पड़ेगा, जो अब सीमित सब्सिडी के तहत कम सिलेंडर प्राप्त कर पाएंगे। इससे घरेलू बजट पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला ऊर्जा क्षेत्र में मौजूदा वैश्विक संकट के प्रभाव को दर्शाता है, जिसका सीधा असर विकासशील देशों पर पड़ रहा है।