चेन्नई एयरपोर्ट पर एंटी-हाइजैकिंग मॉक ड्रिल, विमान अपहरण जैसी स्थिति का अभ्यास
चेन्नई एयरपोर्ट पर एंटी-हाइजैकिंग मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जिसमें विमान अपहरण जैसी स्थिति का अभ्यास किया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने आपात प्रतिक्रिया और समन्वय क्षमता का परीक्षण किया।
तमिलनाडु के चेन्नई एयरपोर्ट पर सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए एक एंटी-हाइजैकिंग मॉक अभ्यास (ड्रिल) का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति, विशेषकर विमान अपहरण जैसी गंभीर परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को जांचना और उन्हें और अधिक मजबूत बनाना था।
यह व्यापक मॉक ड्रिल पूरी तरह से वास्तविक परिस्थितियों के करीब बनाकर आयोजित की गई, जिसमें एक यात्री बस का उपयोग कर विमान अपहरण जैसी स्थिति का कृत्रिम रूप से निर्माण किया गया। इस दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने जमीनी स्तर पर जटिल ऑपरेशनल परिस्थितियों का सामना करने का अभ्यास किया।
अभ्यास में एयरपोर्ट सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों ने हिस्सा लिया, जिनमें केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) और स्थानीय पुलिस बल शामिल रहे। सभी एजेंसियों ने समन्वय के साथ स्थिति को नियंत्रित करने, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आपात प्रतिक्रिया समय को बेहतर बनाने का अभ्यास किया।
अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की मॉक ड्रिल का उद्देश्य वास्तविक आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया देना सुनिश्चित करना है। अभ्यास के दौरान सुरक्षा टीमों ने यह जांचा कि किसी संभावित हाइजैकिंग स्थिति में किस प्रकार त्वरित कार्रवाई कर यात्रियों और एयरपोर्ट की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
ड्रिल के दौरान सुरक्षा बलों ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने, संचार व्यवस्था को मजबूत करने और संकट की स्थिति में नियंत्रण स्थापित करने की प्रक्रिया का अभ्यास किया।
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के अभ्यास नियमित रूप से किए जाते हैं ताकि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी को समय रहते दूर किया जा सके। उन्होंने कहा कि चेन्नई एयरपोर्ट पर इस अभ्यास से सुरक्षा तैयारियों को और मजबूती मिली है।
इस मॉक ड्रिल को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया और सभी एजेंसियों ने अपने-अपने कार्यों का प्रभावी प्रदर्शन किया।
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