चेन्नई में बच्चों के लिए रोबोटिक यूरोलॉजी उत्कृष्टता केंद्र की शुरुआत, 400 से अधिक सर्जरी का आंकड़ा पार
चेन्नई के अपोलो चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल ने बच्चों की रोबोटिक यूरोलॉजी के लिए उत्कृष्टता केंद्र शुरू किया। संस्थान ने 400 से अधिक सफल बाल रोबोटिक प्रक्रियाएं पूरी की हैं।
तमिलनाडु के चेन्नई में बच्चों के इलाज के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अपोलो चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल ने बुधवार को बाल रोबोटिक यूरोलॉजी (Paediatric Robotic Urology) के लिए उत्कृष्टता केंद्र की शुरुआत की। यह पहल संस्थान द्वारा बच्चों में 400 से अधिक रोबोटिक सर्जिकल प्रक्रियाएं पूरी करने की उपलब्धि हासिल करने के बाद शुरू की गई है।
इस अवसर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ सलाहकार बाल यूरोलॉजिस्ट और रोबोटिक सर्जन वी. श्रीपति ने रोबोटिक सर्जरी कार्यक्रम की यात्रा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस सफर की शुरुआत रोबोटिक तकनीक में विशेषज्ञता हासिल करने से हुई, जिसके बाद बच्चों और शिशुओं में जटिल से जटिल प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।
वी. श्रीपति ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सर्जरी तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में जागरूकता बढ़ाना और अन्य सर्जनों तथा स्वास्थ्य संस्थानों को इस आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण देना भी है। उन्होंने बताया कि रोबोटिक तकनीक ने बच्चों में मूत्र संबंधी जटिल बीमारियों के इलाज को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने में मदद की है।
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नए उत्कृष्टता केंद्र के माध्यम से बाल रोगियों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ चिकित्सा विशेषज्ञों के लिए प्रशिक्षण और अनुसंधान के अवसर भी बढ़ेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, रोबोटिक सर्जरी में अधिक सटीकता, कम रक्तस्राव और तेजी से रिकवरी जैसे कई फायदे होते हैं।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि केंद्र का लक्ष्य भारत में बाल रोबोटिक यूरोलॉजी के क्षेत्र को और मजबूत बनाना है। इसके जरिए देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले बच्चों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच चेन्नई में शुरू किया गया यह केंद्र बच्चों की जटिल यूरोलॉजिकल समस्याओं के इलाज में एक नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।
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