सीजेपी प्रदर्शन: जेपी नड्डा ने आरएमएल अस्पताल पहुंचकर घायल प्रदर्शनकारियों से की मुलाकात, जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ी
सीजेपी प्रदर्शन के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने आरएमएल अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की। जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी लौटे, जबकि संसद मार्गों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल पहुंचकर घायल प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। सोमवार को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प हुई थी, जिसके बाद कई लोग घायल हो गए थे।
हिंसक झड़प के एक दिन बाद सीजेपी के प्रदर्शनकारी सोमवार देर रात फिर से जंतर-मंतर पहुंच गए और उन्होंने अपना आंदोलन दोबारा शुरू कर दिया। पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दी, लेकिन संसद की ओर दोबारा मार्च किए जाने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है।
सोमवार की झड़प में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 100 से अधिक जवान घायल हुए थे। इसके बाद कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार, इलाके को खाली कराने के बाद देर रात प्रदर्शनकारी फिर से जंतर-मंतर पर जमा होने लगे। अधिकारियों ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वालों को नहीं रोका जाएगा, लेकिन कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि अब तक करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है और उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रदर्शन स्थल और उसके आसपास बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे।
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि संगठन के प्रतिनिधियों ने जेपी नड्डा के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से प्रभावित अभ्यर्थियों के परिवारों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग शामिल है।
सौरव दास ने दावा किया कि नीट विवाद के कारण 20 से अधिक अभ्यर्थियों की मौत हुई है। वहीं, सीजेपी से जुड़े कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन में शामिल सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी अपना अनशन जारी रखने की बात कही है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और संसद मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है।
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