सीजेपी का दावा- सरकार ने बातचीत के लिए बुलाया, अभिजीत दिपके ने जंतर-मंतर पर खत्म की भूख हड़ताल
सीजेपी ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने बातचीत का प्रस्ताव दिया है। इसके बाद अभिजीत दिपके ने सोनम वांगचुक के आग्रह पर जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल खत्म कर दी।
कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) ने सोमवार को दावा किया कि केंद्र सरकार ने उनके ‘चलो संसद’ विरोध मार्च के बीच बातचीत के लिए संपर्क किया है। सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास के अनुसार, संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों को लेकर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात करेगा।
हालांकि, सरकार की ओर से बातचीत को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
सौरव दास ने कहा कि सरकार ने सुबह बातचीत के लिए संपर्क किया था। उन्होंने कहा कि अशुतोष रांका और वह सीजेपी की ओर से जेपी नड्डा से मिलने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संगठन की मांगें स्पष्ट हैं और बड़ी संख्या में युवा इस आंदोलन से जुड़े हैं।
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इससे पहले दास ने संकेत दिया था कि संगठन परीक्षा सुधारों से जुड़ी अपनी लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार की पहल देर से हुई है, लेकिन शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए बातचीत का रास्ता खुला है।
अभिजीत दिपके ने खत्म की भूख हड़ताल
सीजेपी की ओर से सरकार से बातचीत के दावे के बाद संगठन के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने जंतर-मंतर पर अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। उन्होंने यह कदम सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आग्रह पर उठाया, जो इस समय सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं।
दिपके ने वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने के बाद अनशन शुरू किया था। वांगचुक ने 21 दिनों की भूख हड़ताल की थी, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें चिकित्सकीय सहायता दी गई थी।
संसद मार्च को लेकर बढ़ी सुरक्षा
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब हजारों प्रदर्शनकारी संसद मार्ग के आसपास एकत्र हुए और कथित परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की।
प्रदर्शन को देखते हुए मध्य दिल्ली में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिसकर्मियों के साथ सादे कपड़ों में अधिकारी भी तैनात किए गए हैं, ताकि प्रदर्शनकारियों को संसद क्षेत्र की ओर बढ़ने से रोका जा सके।
इस बीच सोनम वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को पत्र लिखकर संसद मार्च में शामिल होने के लिए अस्थायी रूप से अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति मांगी है। उन्होंने पत्र में लिखा कि वह पूरी तरह स्वस्थ महसूस कर रहे हैं और उनके स्वास्थ्य मानक सामान्य हैं। उन्होंने ‘संसद चलो’ मार्च में शामिल होने की इच्छा जताई।
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