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असम पर कांग्रेस का हमला: उत्तर-पूर्व को राजनीतिक अनाथ क्यों बनाया?—बीजेपी से 10 सवाल

अमित शाह के असम दौरे पर कांग्रेस ने बीजेपी से 10 सवाल पूछे, जमीन, पहचान, रोजगार, स्वास्थ्य और एसटी दर्जे को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के असम दौरे के दौरान कांग्रेस ने शुक्रवार (30 जनवरी, 2026) को भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए असम और पूरे उत्तर-पूर्व को “राजनीतिक रूप से अनाथ” बताए जाने को लेकर 10 सवाल उठाए। कांग्रेस के प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि अमित शाह का दौरा स्वागतयोग्य है, खासकर उस पार्टी से, जो कथित तौर पर उत्तर-पूर्व की पीड़ाओं को नजरअंदाज करती रही है।

पवन खेड़ा ने कहा कि असम में बीजेपी के 10 वर्षों के शासन को लेकर कांग्रेस के पास 10 सवाल हैं और गृह मंत्री को अपने “शिष्य ‘भूमि-बिक्रेता’ हिमंत बिस्वा सरमा” से इन सवालों के जवाब लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छह महीने में समाधान का वादा किया था और मुख्यमंत्री हिमंत सरमा ने पांच साल का समय मांगा था, लेकिन 12 साल बीतने के बाद भी कोच-राजबोंगशी, ताई अहोम, मोरान, मटक, चुटिया और चाय जनजातियों/आदिवासियों को अब तक एसटी दर्जा क्यों नहीं मिला।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार ने असम के मूल निवासियों की 1.5 लाख बीघा जमीन अपने करीबी लोगों को बेचने की अनुमति दी और मुख्यमंत्री को खुली छूट दी गई। उन्होंने पूछा कि जब जमीन, नदियां और जंगल सौंपे जा रहे हैं, तो नौकरियां कहां हैं और असम के युवाओं को पलायन कर भेदभाव क्यों झेलना पड़ता है।

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खेड़ा ने यह भी सवाल उठाया कि असमिया पहचान क्यों कमजोर हो रही है और लाखों स्वदेशी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कैसे गायब हो गए। उन्होंने चाय किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) न होने, स्वास्थ्य सेवाओं में पिछड़ेपन और जल प्रदूषण को लेकर भी सरकार को घेरा। अंत में उन्होंने कहा कि ‘जाति, माटी, भेती’ के नारे के बावजूद सरकार ने जनता के साथ विश्वासघात किया है।

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