जनसंख्या असंतुलन के पीछे धर्मांतरण और अवैध प्रवासन: मोहन भागवत
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि धर्मांतरण और अवैध प्रवासन से जनसंख्या असंतुलन बढ़ रहा है। उन्होंने मातृभाषा आधारित शिक्षा और गुरुकुल पद्धति को मुख्यधारा से जोड़ने की बात कही।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि देश में जनसंख्या असंतुलन के पीछे धर्मांतरण और अवैध प्रवासन प्रमुख कारण हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा प्रणाली को मातृभाषा के माध्यम से मजबूत किया जाना चाहिए और गुरुकुल पद्धति को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना जरूरी है।
भागवत ने कहा, "धर्मांतरण और अवैध रूप से आने वाले लोगों के कारण विभिन्न क्षेत्रों में जनसंख्या का स्वरूप बदल रहा है। यह राष्ट्रीय एकता और सामाजिक संतुलन के लिए चुनौती है।" उन्होंने जोर दिया कि इस मुद्दे पर समाज को सजग रहना होगा और नीतिगत समाधान खोजने होंगे।
शिक्षा के संदर्भ में उन्होंने कहा कि आठवीं कक्षा तक बच्चों को मातृभाषा में शिक्षा दी जानी चाहिए। उनके अनुसार, गुरुकुल शिक्षा का अर्थ केवल आश्रम में जाकर पढ़ना नहीं है, बल्कि इसे आधुनिक शिक्षा और मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है ताकि विद्यार्थी व्यवहारिक जीवन से जुड़ सकें।
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भागवत ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि मातृभाषा और पारंपरिक शिक्षा प्रणाली बच्चों में नैतिकता, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना विकसित करती है।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज को मिलकर ऐसे उपाय करने होंगे जिससे देश की जनसंख्या संरचना संतुलित बनी रहे और शिक्षा प्रणाली मजबूत होकर राष्ट्रनिर्माण में योगदान दे।
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