100% दावे पर आईटीसी का लाइसेंस रद्द न करे FSSAI: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने FSSAI को फिलहाल आईटीसी का लाइसेंस रद्द करने से रोक दिया। मामला आशीर्वाद एमपी चक्की आटा के ‘100%’ दावों से जुड़ा है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) से कहा कि वह फिलहाल आईटीसी लिमिटेड का लाइसेंस रद्द न करे। मामला आईटीसी के ‘आशीर्वाद एमपी चक्की आटा’ पर किए गए ‘100%’ दावों से जुड़ा है।
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने आईटीसी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कंपनी को अंतरिम राहत दी। आईटीसी ने एफएसएसएआई की उन सलाह और नोटिस को चुनौती दी थी, जिनमें उत्पाद से जुड़े ‘100%’ दावों को हटाने का निर्देश दिया गया था।
अदालत ने कहा कि मामले में अधिकार क्षेत्र से जुड़ा सवाल तय किया जाना बाकी है। अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी और तब तक लाइसेंस रद्द करने के संबंध में कोई फैसला नहीं लिया जाएगा।
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दरअसल, मई 2025 में एफएसएसएआई ने सभी खाद्य कारोबार संचालकों को सलाह जारी कर खाद्य उत्पादों के लेबल, पैकेजिंग और प्रचार सामग्री में ‘100%’ शब्द के इस्तेमाल को बंद करने को कहा था।
इसके बाद 10 अगस्त को आईटीसी को नोटिस जारी कर 30 दिनों के भीतर यह स्पष्ट करने को कहा गया कि सलाह का पालन नहीं करने पर उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। नोटिस में उत्पाद के लेबल पर ‘100% आटा और 100% मध्य प्रदेश गेहूं’ तथा विज्ञापन में ‘केवल 100% मध्य प्रदेश गेहूं से बना’ जैसे दावों को भ्रामक और नियमों के विरुद्ध बताया गया।
13 अगस्त को कोलकाता स्थित केंद्रीय लाइसेंसिंग प्राधिकरण ने भी आईटीसी को सुधार नोटिस जारी किया। इसमें ‘आशीर्वाद एमपी चक्की आटा’ के लेबल और विज्ञापनों से ‘100% आटा’, ‘100% मध्य प्रदेश गेहूं’ और ‘0% मैदा’ जैसे दावे हटाने को कहा गया।
आईटीसी ने अदालत में कहा कि उसे जवाब देने के लिए दिए गए 30 दिन पूरे होने से पहले ही सुधार नोटिस जारी कर दिया गया। कंपनी ने इसे मनमाना और अनुपातहीन कार्रवाई बताया।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर को तय की है।
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