×
 

दिल्ली सरकार की बड़ी योजना, हाई-रिस्क कैदियों और गैंगस्टरों को दूसरे राज्यों की जेलों में भेजने की तैयारी

दिल्ली सरकार हाई-रिस्क कैदियों और गैंगस्टरों को दूसरे राज्यों की जेलों में स्थानांतरित करने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे सुरक्षा से जोड़ा।

दिल्ली सरकार जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और संगठित अपराध पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाने के लिए हाई-रिस्क कैदियों और विचाराधीन गैंगस्टरों को दूसरे राज्यों की जेलों में स्थानांतरित करने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य जेल सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए ऐसे कैदियों का अंतरराज्यीय स्थानांतरण सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, इस व्यवस्था से ऐसे कैदियों को एक ही स्थान पर लंबे समय तक रखने से पैदा होने वाले सुरक्षा जोखिमों को कम किया जा सकेगा। साथ ही, अलग-अलग राज्यों की जेल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय भी मजबूत होगा।

सरकार का मानना है कि संगठित अपराध से जुड़े अपराधियों के नेटवर्क को कमजोर करने के लिए राज्यों के बीच बेहतर सहयोग जरूरी है। कई मामलों में जेलों के भीतर से भी आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने या गिरोह के सदस्यों के संपर्क में रहने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में संवेदनशील और हाई-रिस्क कैदियों के स्थानांतरण को सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

और पढ़ें: नीट पेपर लीक प्रदर्शनकारियों पर नहीं होगी कानूनी कार्रवाई, समीक्षा के बाद हिरासत में लिए गए लोग होंगे रिहा

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक हित को ध्यान में रखकर लागू की जाएगी। इसके तहत संबंधित राज्यों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा और कैदियों की सुरक्षा तथा कानूनी प्रक्रिया का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।

इस योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य राज्यों के बीच संगठित अपराध से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाना है। दिल्ली सरकार का मानना है कि अपराधी गिरोहों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए केवल पुलिस कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जेल प्रशासन और अन्य राज्यों की एजेंसियों के बीच सूचनाओं तथा संसाधनों का बेहतर आदान-प्रदान भी जरूरी है।

प्रस्तावित अंतरराज्यीय स्थानांतरण व्यवस्था के तहत विचाराधीन कैदियों और गंभीर अपराधों से जुड़े हाई-रिस्क बंदियों को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार दूसरे राज्यों की जेलों में भेजा जा सकता है। सरकार का कहना है कि इस कदम से जेलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।

और पढ़ें: विशाखापत्तनम में ब्रिक्स खेल मंत्रियों की संयुक्त घोषणा स्वीकार, खेल सहयोग को नई दिशा

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share