सीजेपी के 16 अक्टूबर के प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस का हाईकोर्ट को आश्वासन, कहा- हर संभव कदम उठाएंगे
दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन को नियंत्रित करने का हाईकोर्ट को आश्वासन दिया। अदालत ने प्रदर्शन पर रोक नहीं लगाई और मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर तय की।
दिल्ली पुलिस ने गुरुवार, 15 अक्टूबर को हाईकोर्ट को आश्वासन दिया कि वह कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और उसके संस्थापक अभिजीत दिपके के 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए हर संभव कदम उठाएगी। यह मामला पालिका बाजार के एक लाइसेंसधारी विक्रेता की याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया। विक्रेता ने प्रदर्शन के कारण कारोबार और आजीविका प्रभावित होने की आशंका जताई थी।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव सांबरे और न्यायमूर्ति संजय शर्मा की पीठ ने पुलिस के आश्वासन को रिकॉर्ड पर लिया और मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर के लिए तय की। हालांकि, अदालत ने सीजेपी और दिपके को प्रदर्शन करने से रोकने का आदेश देने से इनकार कर दिया।
याचिकाकर्ता के वरिष्ठ वकील ने कहा कि त्योहारों के मौसम में मध्य दिल्ली में प्रदर्शन और यातायात अवरोध से व्यापारियों तथा छोटे दुकानदारों की रोजाना की कमाई प्रभावित हो सकती है। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने अदालत को बताया कि सीजेपी की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए गए हैं और याचिकाकर्ता की चिंताओं पर ध्यान दिया जाएगा।
क्या है याचिका में मांग?
पालिका बाजार के लाइसेंसधारी विक्रेता अनिल कुमार गुप्ता ने याचिका दायर कर 16 अक्टूबर को शाम पांच बजे सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित सभा पर रोक लगाने की मांग की थी। यह पार्क भूमिगत पालिका बाजार के ठीक ऊपर स्थित है। याचिका में कहा गया कि विरोध प्रदर्शनों और लंबे समय तक सड़कें बंद रहने से बाजारों तक पहुंच बाधित होती है और छोटे कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
याचिकाकर्ता का तर्क है कि 11 अक्टूबर 2026 को जारी दिल्ली पुलिस के आदेश के बाद जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाया गया है। ऐसे में सेंट्रल पार्क को प्रदर्शन स्थल के रूप में इस्तेमाल करने पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिका में सार्वजनिक सड़कों और पैदल रास्तों को खुला रखने की मांग की गई।
सीजेपी ने किया तिरंगा मार्च का आह्वान
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने 16 अक्टूबर को ‘लहरा दो तिरंगा’ के नाम से प्रदर्शन का आह्वान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के सदस्य सौरव दास और आशुतोष रांका को केवल तिरंगा फहराने के कारण जेल भेजा गया। दोनों को कथित तौर पर शांति बांड की शर्तों के उल्लंघन और जंतर-मंतर में प्रवेश के मामले में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
दिपके ने लोगों से राष्ट्रीय ध्वज लेकर सेंट्रल पार्क पहुंचने की अपील की। उन्होंने दिल्ली नहीं आ सकने वालों से अपने शहरों में तिरंगा मार्च निकालने को कहा।
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