×
 

कड़ी सुरक्षा और ट्रैफिक प्लान के साथ ब्रिक्स सम्मेलन के लिए तैयार दिल्ली, 22 डायवर्जन प्वाइंट चिन्हित

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले दिल्ली में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था मजबूत की गई है। वीआईपी काफिलों के लिए 22 डायवर्जन प्वाइंट बनाए गए हैं और 35 से अधिक सड़कों पर प्रतिबंध रहेगा।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली 12 और 13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। सम्मेलन को लेकर शहर में सुरक्षा, यातायात और आवागमन की व्यापक व्यवस्था की गई है। भारत मंडपम में होने वाले इस महत्वपूर्ण आयोजन में विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष, विदेशी प्रतिनिधि, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख और कई गणमान्य लोग शामिल होंगे।

ब्रिक्स सम्मेलन से पहले दिल्ली के प्रमुख हिस्सों को पोस्टरों और रोशनी से सजाया गया है। इससे राजधानी के कई इलाकों में उत्सव जैसा माहौल नजर आ रहा है। इस वर्ष ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन की आधिकारिक थीम लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” रखी गई है।

ब्रिक्स की शुरुआत 2006 में ब्राजील, रूस, भारत और चीन के साथ ब्रिक समूह के रूप में हुई थी। 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में पहला शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ। 2011 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद इसका नाम ब्रिक्स हुआ। जनवरी 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात इसके पूर्ण सदस्य बने। जनवरी 2025 में इंडोनेशिया भी इसमें शामिल हुआ। वर्तमान में समूह में 11 पूर्ण सदस्य देश हैं।

और पढ़ें: पुतिन-पीएम मोदी की शुक्रवार को मुलाकात में छाएगा एसयू-57 लड़ाकू विमान सौदा, ब्रिक्स सम्मेलन से पहले होगी द्विपक्षीय वार्ता

दिल्ली यातायात पुलिस ने सम्मेलन को देखते हुए विस्तृत यातायात प्रबंधन योजना तैयार की है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) दिनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि विदेशी प्रतिनिधियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने और आम लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए व्यापक सुरक्षा एवं यातायात प्रोटोकॉल लागू किए जा रहे हैं।

वीआईपी काफिलों की आवाजाही वाले मार्गों पर पुलिसकर्मी कारकेड रिहर्सल कर रहे हैं और उन्हें यातायात व्यवस्था के संबंध में जानकारी दी जा रही है।

यातायात नियंत्रण के लिए 22 डायवर्जन प्वाइंट चिन्हित किए गए हैं। इसके अलावा 35 से अधिक सड़कों पर जरूरत के अनुसार यातायात नियंत्रित या डायवर्ट किया जाएगा। इन प्रतिबंधों का असर मुख्य रूप से मध्य और दक्षिण दिल्ली तथा आसपास के इलाकों पर पड़ सकता है।

यातायात पुलिस ने लोगों से यात्रा की योजना पहले बनाने और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की है। प्रतिबंधों के दौरान दिल्ली मेट्रो समेत सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

और पढ़ें: पीएम मोदी-पेजेश्कियन मुलाकात के बाद ईरान ने भारत से रिश्तों को बताया ऐतिहासिक, व्यापार बढ़ाने पर जोर

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share