दिल्ली में सुरक्षा अभियान तेज, चिराग दिल्ली के असुरक्षित पीजी से छात्रों को कराया गया सुरक्षित बाहर
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने चिराग दिल्ली के जर्जर पीजी से छात्रों को निकाला। लड़कों को शहीद भगत सिंह कॉलेज और लड़कियों को व्यावसायिक कॉलेज भेजा गया।
दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने राजधानी में असुरक्षित और जर्जर इमारतों के खिलाफ सुरक्षा अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में चिराग दिल्ली इलाके में एक पीजी इमारत से छात्रों को देर रात सुरक्षित बाहर निकाला गया। इमारत में बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई देने के बाद उसकी संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता सामने आई थी।
सरकार को सूचना मिली थी कि जिस इमारत में छात्र रह रहे थे, उसमें पीजी संचालित किया जा रहा है और भवन की स्थिति सुरक्षित नहीं है। अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी छात्रों को वहां से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। लड़कों को शहीद भगत सिंह कॉलेज में ठहराया गया, जबकि छात्राओं को व्यावसायिक कॉलेज भेजा गया।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाकों में छात्रों के लिए संचालित पीजी और पुरानी इमारतों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज पर भी निशाना साधा। सूद ने दावा किया कि भारद्वाज उस इमारत से कुछ ही दूरी पर रहते हैं, जहां असुरक्षित पीजी चल रहा था। उन्होंने सवाल उठाया कि पीजी की खराब स्थिति और कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदारी कौन लेगा।
सूद ने यह भी कहा कि स्थानीय पार्षद भी उसी पार्टी से हैं और भ्रष्टाचार के कथित मामलों की जिम्मेदारी तय करने को लेकर भारद्वाज को जवाब देना चाहिए।
उन्होंने भारद्वाज के पूर्व विधायक के रूप में 10 वर्षों तक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने और मंत्री रहने का भी उल्लेख किया। सूद ने आरोप लगाया कि जनसुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप किए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि 6 सितंबर को दिल्ली के सत्य निकेतन में एक पुराना पीजी भवन ढह गया था, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी।