DGCA का नौ हवाई क्षेत्रों में उड़ानों पर विशेष निर्देश, सुरक्षा कारणों से सतर्क रहने की सलाह
DGCA ने नौ हवाई क्षेत्रों में उड़ानों पर सुरक्षा चेतावनी जारी की। अमेरिका और इज़राइल के ईरान हमलों के बाद नागरिक उड्डयन के लिए जोखिम बढ़ गया है।
नौ हवाई क्षेत्रों को लेकर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने एयरलाइंस को विशेष चेतावनी जारी की है। डीजीसीए ने एयरलाइंस से कहा है कि “प्रभावित हवाई क्षेत्रों में सभी उड़ान स्तरों और ऊँचाइयों पर संचालन से बचें।” किसी भी उड़ान संचालन का निर्णय ऑपरेटर की सुरक्षा जोखिम मूल्यांकन पर निर्भर करेगा।
डीजीसीए ने यह भी निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों के हवाई अड्डों पर संचालन करने वाली एयरलाइंस को सभी संभावित परिस्थितियों का ध्यान रखते हुए मजबूत आपातकालीन योजना बनानी होगी। यह योजना सुरक्षा जोखिम मूल्यांकन का हिस्सा होनी चाहिए।
डीजीसीए ने कहा कि यह परामर्श तत्काल प्रभाव से लागू होगी और 28 मार्च तक वैध रहेगी। इसके बाद इसे समीक्षा या आवश्यकतानुसार संशोधित किया जा सकता है। ऑपरेटरों को सलाह दी गई है कि वे अपने फ्लाइट क्रू को नवीनतम NOTAMs और प्रभावित हवाई क्षेत्रों से जुड़े उड़ान प्रतिबंधों की जानकारी उपलब्ध कराएं।
और पढ़ें: पश्चिम एशिया संकट के बीच भारतीय नागरिकों की वापसी के लिए आज 58 अतिरिक्त उड़ानें संचालित होंगी
NOTAM (वायुसैनिकों को सूचना) पायलट और फ्लाइट क्रू को हवाई क्षेत्र और हवाई अड्डों के वास्तविक समय अपडेट देने का माध्यम है। डीजीसीए ने बताया कि “अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरानी क्षेत्रों में किए गए हालिया सैन्य हमलों के कारण नागरिक उड्डयन के लिए उच्च जोखिम वाला वातावरण बन गया है। ईरान ने इन हमलों के जवाब में प्रतिशोधी उपायों की घोषणा की है।”
डीजीसीए ने यह भी कहा कि वर्तमान स्थिति नागरिक उड़ानों के संचालन के लिए गंभीर खतरे उत्पन्न कर रही है। एयरलाइंस और पायलटों से आग्रह किया गया है कि वे उच्च सतर्कता बनाए रखें और संभावित खतरों के लिए तैयार रहें।
और पढ़ें: ईरान ने हाइफा तेल रिफाइनरी पर किया बड़ा मिसाइल हमला, मलबे और धुएं से क्षेत्र में हड़कंप