तमिलनाडु चुनाव 2026 से पहले DMDK ने DMK से मिलाया हाथ, सियासी समीकरण बदले
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 से पहले डीएमडीके ने डीएमके के साथ गठबंधन किया। एमके स्टालिन ने स्वागत किया, जिससे राज्य में चुनावी समीकरणों पर बड़ा असर पड़ सकता है।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अभिनेता विजयकांत द्वारा स्थापित पार्टी देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके) ने द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (डीएमके) के साथ गठबंधन करने का ऐलान किया है। डीएमडीके महासचिव प्रेमलता विजयकांत ने स्वयं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन से मुलाकात कर गठबंधन का प्रस्ताव रखा।
गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में डीएमडीके ने अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (एआईएडीएमके) के साथ चुनाव लड़ा था। यह पहली बार है जब डीएमडीके ने डीएमके के साथ हाथ मिलाया है।
एम.के. स्टालिन ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि डीएमडीके का “धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन” में शामिल होना खुशी की बात है। उन्होंने प्रेमलता को अपनी बहन बताते हुए कहा कि यह गठबंधन तमिलनाडु की प्रगति और समृद्धि में योगदान देगा। स्टालिन ने कहा कि ‘कैप्टन’ विजयकांत द्वारा स्थापित पार्टी का इस गठबंधन में शामिल होना ऐतिहासिक है और इससे द्रविड़ मॉडल सरकार को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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क्यों अहम है डीएमडीके?
साल 2005 में दिवंगत अभिनेता-राजनेता विजयकांत द्वारा स्थापित डीएमडीके ने खुद को तमिलनाडु की राजनीति में तीसरे विकल्प के रूप में स्थापित किया। हालांकि हाल के चुनावों में पार्टी को ज्यादा सीटें नहीं मिलीं, लेकिन कुछ क्षेत्रों में उसका स्थायी वोट बैंक है।
2006 में पार्टी ने 234 सीटों पर चुनाव लड़ा और 8.38% वोट हासिल किए। 2011 में एआईएडीएमके के साथ गठबंधन कर 29 सीटें जीतीं। हालांकि 2016 और 2021 में पार्टी को सफलता नहीं मिली।
विशेषज्ञों का मानना है कि डीएमडीके के जुड़ने से डीएमके-नेतृत्व वाले गठबंधन को अतिरिक्त वोटों का फायदा मिलेगा। विजयकांत के निधन के बाद यह डीएमडीके का पहला विधानसभा चुनाव होगा, जिससे सहानुभूति वोट भी मिल सकते हैं।