विधानसभा चुनाव की तैयारी: डीएमके वक्ता 1 फरवरी से करेंगे राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत
डीएमके ने घोषणा की कि 1 फरवरी से 22 पार्टी वक्ता सभी 234 विधानसभा क्षेत्रों में अभियान चलाएंगे, जिसमें द्रविड़ियन मॉडल सरकार की उपलब्धियां और केंद्र की भाजपा सरकार पर आरोप प्रमुख होंगे।
आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों की तैयारियों को तेज करते हुए द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (डीएमके) ने शनिवार (31 जनवरी, 2026) को घोषणा की कि पार्टी के 22 प्रमुख वक्ता 1 फरवरी से राज्य की सभी 234 विधानसभा सीटों पर जनसभाओं को संबोधित करेंगे। इस व्यापक अभियान के जरिए पार्टी जनता के बीच अपनी नीतियों, उपलब्धियों और केंद्र सरकार के खिलाफ अपने राजनीतिक रुख को मजबूती से रखेगी।
डीएमके संसदीय दल की नेता कनिमोझी, पार्टी प्रवक्ता टी.के.एस. एलंगोवन, सांसद कनिमोझी सोमु और विधायक एझिलन नागनाथन ने संवाददाताओं से बातचीत में बताया कि इस अभियान के दौरान वक्ता ‘द्रविड़ियन मॉडल सरकार’ की उपलब्धियों को जनता के सामने रखेंगे। इसके साथ ही, वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तमिलनाडु के साथ विश्वासघात करने का आरोप भी लगाएंगे।
नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं ने सामाजिक न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य और कल्याणकारी कार्यक्रमों के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। डीएमके का मानना है कि द्रविड़ियन मॉडल ने तमिलनाडु को समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ाया है, जबकि केंद्र सरकार की नीतियों से राज्य के अधिकारों और हितों को नुकसान पहुंचा है।
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इस अभियान को “तमिलनाडु अपना सिर नहीं झुकाएगा” (Tamil Nadu Will Not Bow Its Head) नाम दिया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह नारा न केवल राजनीतिक संदेश है, बल्कि राज्य की अस्मिता, संघीय ढांचे और आत्मसम्मान की भावना का प्रतीक भी है।
डीएमके का लक्ष्य इस अभियान के माध्यम से हर विधानसभा क्षेत्र में सीधे मतदाताओं से संवाद करना, सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करना और आगामी चुनावों के लिए जनसमर्थन को मजबूत करना है। पार्टी का दावा है कि यह अभियान तमिलनाडु की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
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