×
 
☰

डीआरडीओ ने स्वदेशी हाई-एल्टीट्यूड प्लेटफॉर्म का सफल परीक्षण किया, 21 किमी ऊंचाई तक पहुंचा

डीआरडीओ ने स्वदेशी हाई-एल्टीट्यूड प्लेटफॉर्म का सफल परीक्षण किया, जो 21 किलोमीटर ऊंचाई तक पहुंचा। परीक्षण से भारत की दीर्घकालिक स्ट्रैटोस्फेरिक निगरानी क्षमता मजबूत हुई है।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने स्वदेशी रूप से विकसित हाई-एल्टीट्यूड प्लेटफॉर्म (एचएपीएस) का सफल उड़ान परीक्षण किया है। परीक्षण के दौरान प्रायोगिक प्लेटफॉर्म समुद्र तल से 21 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचा। इसके बाद यह 20 किलोमीटर की ऊंचाई पर 30 मिनट से अधिक समय तक रहा और निर्देश मिलने पर सुरक्षित रूप से नीचे उतरा। प्लेटफॉर्म को सफलतापूर्वक बरामद कर लिया गया और उड़ान से मिले आंकड़ों का विश्लेषण किया गया।

पूरी उड़ान के दौरान ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन पर प्लेटफॉर्म से रियल-टाइम वीडियो और अन्य तकनीकी आंकड़े प्राप्त किए गए। इनसे इसके निर्धारित प्रदर्शन की पुष्टि हुई। सिस्टम में इनर्शियल मेजरमेंट यूनिट, ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम रिसीवर, ऑनबोर्ड कैमरे और ऊंचाई नियंत्रण प्रणाली समेत कई उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक पैकेज लगाए गए थे।

यह परीक्षण भारतीय वायु सेना, सेंटर फॉर मिलिट्री एयरवर्थिनेस एंड सर्टिफिकेशन (सीईएमआईएलएसी), नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए), भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और अन्य नागरिक एजेंसियों के समन्वय से किया गया।

और पढ़ें: अस्त्र मिसाइल की ताकत बढ़ाने में जुटा डीआरडीओ, 300 किलोमीटर से ज्यादा होगी रेंज

यह हाई-एल्टीट्यूड प्लेटफॉर्म हल्के-से-हवा वाले सिस्टम के रूप में लंबी अवधि तक स्ट्रैटोस्फियर में निगरानी करने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है। इसका डिजाइन और विकास आगरा स्थित एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (एडीआरडीई) कर रहा है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सफल परीक्षण के लिए डीआरडीओ, भारतीय वायु सेना, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और उद्योग जगत को बधाई दी। उन्होंने इसे लंबे समय तक उड़ान भरने वाले स्ट्रैटोस्फेरिक एयरशिप के विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

इससे पहले डीआरडीओ ने एडवांस्ड हाई-एल्टीट्यूड पैराशूट (एएचएपी) का पहला लाइव जंप भी सफलतापूर्वक किया। यह परीक्षण न्योमा के मुध ड्रॉप जोन में समुद्र तल से 16,000 फीट की ऊंचाई पर हुआ। पैराशूट 15,500 फीट पर खोला गया और लैंडिंग 13,700 फीट की ऊंचाई पर हुई।

एडीआरडीई द्वारा विकसित एएचएपी स्थिर-लाइन पैराशूट प्रणाली है, जिसे पैराट्रूपर्स के बड़े समूह को उतारने के लिए बनाया गया है। इसकी परिचालन क्षमता 18,000 फीट तक है और यह ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रक्षा बलों की सामरिक जरूरतों के लिए उपयोगी है।

और पढ़ें: इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन पर बीजेपी का राहुल गांधी पर हमला, रविशंकर प्रसाद बोले- देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share