छह साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी को फांसी की सजा, अदालत ने माना रेयरेस्ट ऑफ रेयर
दुर्ग में छह वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में अदालत ने सोमेश यादव को दोषी ठहराकर फांसी की सजा सुनाई। अदालत ने इसे अत्यंत दुर्लभ मामला माना।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में छह साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में 24 वर्षीय दोषी सोमेश यादव को फांसी की सजा सुनाई गई है। फास्ट-ट्रैक विशेष अदालत ने घटना के करीब 17 महीने के भीतर फैसला सुनाया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनीश दुबे ने मामले को “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” यानी अत्यंत दुर्लभ श्रेणी का अपराध माना।
घटना अप्रैल 2025 में हुई थी। बच्ची चैत्र नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन के लिए ओम नगर उरला इलाके में अपनी दादी के घर गई थी। शाम तक जब वह घर नहीं लौटी तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। कोई सुराग नहीं मिलने पर मोहन नगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
बाद में बच्ची का शव पास में खड़ी एक कार की डिक्की से बरामद हुआ। उसके चेहरे पर खरोंच और होंठों पर खून के निशान मिले थे। फोरेंसिक और डीएनए जांच में बच्ची के साथ यौन अपराध की पुष्टि हुई और उसके रिश्ते के चाचा सोमेश यादव को दोषी पाया गया।
जांच में सामने आया कि अपराध के बाद सबूत मिटाने के लिए आरोपी ने बच्ची के शरीर पर टॉयलेट क्लीनर डाला था। उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए शव को पड़ोसी की कार में छिपा दिया था।
रिपोर्ट के अनुसार, बच्ची को यौन हिंसा के दौरान अत्यधिक शारीरिक पीड़ा और सदमे का सामना करना पड़ा, जिसके चलते उसे हृदयाघात हुआ।
अदालत ने गवाहों की गवाही और वैज्ञानिक साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना। दोष सिद्ध होने के बाद सोमेश यादव को फांसी पर लटकाने की सजा सुनाई गई। मामला पॉक्सो अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत चलाया गया।
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