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ममता बनर्जी से टकराव में ईडी ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा

ईडी ने ममता बनर्जी पर जांच में हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जबकि मुख्यमंत्री ने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए सड़कों और अदालत दोनों में मुकाबले का ऐलान किया।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ टकराव के बीच सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। ईडी ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के समर्थन से कोयला तस्करी घोटाले से जुड़ी जांच के दौरान तलाशी और जब्ती की कार्रवाई में बाधा डाली। यह तलाशी राजनीतिक रणनीतिकार संस्था आई-पैक (I-PAC) के निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर की जा रही थी।

ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा कि तलाशी के दौरान वरिष्ठ राज्य अधिकारियों की मौजूदगी में भौतिक दस्तावेज़ और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जबरन परिसर से हटा दिए गए। एजेंसी ने घटनाक्रम का विस्तृत विवरण देते हुए पूरे मामले को राज्य सरकार और केंद्रीय एजेंसी के बीच “शोडाउन” करार दिया है।

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब एक दिन पहले ही कलकत्ता हाईकोर्ट ने ईडी की उस याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी थी, जिसमें ममता बनर्जी पर तलाशी में हस्तक्षेप का आरोप लगाया गया था। आई-पैक आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के लिए चुनावी रणनीति पर काम कर रही है।

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ईडी ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है, जो नागरिकों को अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए शीर्ष अदालत में जाने का अधिकार देता है। एजेंसी का कहना है कि राज्य पुलिस और प्रशासन के हस्तक्षेप से कोयला तस्करी मामले की जांच की निष्पक्षता प्रभावित हुई है। ईडी ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि आई-पैक कार्यालय में तलाशी के दौरान हुई घटनाओं की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराई जाए।

ईडी ने दावा किया कि राज्य मशीनरी के कारण उसकी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करने का अधिकार सीमित हो गया है।

वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पलटवार करते हुए ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने आई-पैक प्रमुख के कोलकाता स्थित आवास और शहर के बाहरी इलाके की संपत्ति पर हुई तलाशी को लेकर दो अलग-अलग थानों में शिकायत दर्ज कराई। राज्य पुलिस ने भी स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल कर मांग की है कि उसका पक्ष सुने बिना कोई आदेश न दिया जाए।

ममता बनर्जी ने दक्षिण कोलकाता में एक विशाल विरोध मार्च का नेतृत्व किया और आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर तृणमूल की चुनावी रणनीति चुराना चाहती है। इस राजनीतिक और कानूनी टकराव के बीच कलकत्ता हाईकोर्ट ने ईडी की तलाशी से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई 14 जनवरी तक के लिए टाल दी है। 

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