×
 

चुनाव 2025: जब तर्जनी उंगलियों ने बदले सियासी समीकरण

चुनाव 2025 में बीजेपी ने दिल्ली, बिहार और केरल में अहम जीत दर्ज की, जबकि विपक्ष को सीमित सफलता मिली और सत्ता परिवर्तन की उम्मीदें अधूरी रहीं।

साल 2025 के चुनाव भारतीय राजनीति के लिए बेहद अहम साबित हुए, जब मतदाताओं की तर्जनी उंगलियों ने कई सियासी समीकरण बदल दिए। यह वर्ष भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लिए बड़ी उपलब्धियों वाला रहा, जबकि विपक्षी दलों को सत्ता में वापसी के लिए अभी और इंतजार करना पड़ा, हालांकि उन्हें कुछ आंशिक संतोष भी मिला।

दिल्ली में बीजेपी ने 26 साल बाद शानदार वापसी करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) के लंबे समय से चले आ रहे विजय क्रम को तोड़ दिया। राजधानी की राजनीति में यह बदलाव बेहद महत्वपूर्ण माना गया, क्योंकि बीते दो दशकों से ज्यादा समय तक बीजेपी सत्ता से बाहर रही थी। इस जीत ने पार्टी को न केवल राजनीतिक मजबूती दी, बल्कि संगठनात्मक स्तर पर भी नया आत्मविश्वास प्रदान किया।

बिहार में भी बीजेपी की भूमिका निर्णायक रही। विधानसभा चुनावों में सबसे ज्यादा सीटें जीतकर बीजेपी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए सत्ता का रास्ता आसान कर दिया। इसके साथ ही नीतीश कुमार ने अपने राजनीतिक करियर का दसवां मुख्यमंत्री कार्यकाल संभाला। एनडीए गठबंधन में बीजेपी की मजबूत स्थिति ने राज्य की राजनीति में उसकी पकड़ को और मजबूत किया।

और पढ़ें: सीपीआई के 100 वर्ष: पहले अधिवेशन में अध्यक्ष सिंगारवेलु का भाषण, गांधी के खादी अभियान की आलोचना से तिलक की प्रशंसा तक

इसके अलावा, केरल में भी बीजेपी ने स्थानीय निकाय चुनावों में अपना खाता खोलते हुए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। लंबे समय से वामपंथी और कांग्रेस के प्रभाव वाले इस राज्य में बीजेपी की यह सफलता भविष्य की संभावनाओं की ओर इशारा करती है।

कुल मिलाकर, 2025 के चुनाव बीजेपी के लिए सफलता और विस्तार का वर्ष साबित हुए, जबकि विपक्ष के लिए यह आत्ममंथन और नई रणनीति तैयार करने का समय रहा। इन नतीजों ने यह भी दिखाया कि मतदाता बदलाव के लिए तैयार हैं और राष्ट्रीय राजनीति में नए संतुलन की ओर संकेत कर रहे हैं।

और पढ़ें: ईसाई मंच ने पीएम के चर्च दौरे का किया स्वागत, समुदाय पर हमलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share