×
 
☰

छत्तीसगढ़ के सुकमा में विस्फोटक नष्ट करते समय धमाका, सीआरपीएफ के चार जवान घायल

छत्तीसगढ़ के सुकमा में पुराने विस्फोटक नष्ट करते समय हुए धमाके में सीआरपीएफ के चार जवान घायल हुए। दो सहायक उपनिरीक्षकों की हालत गंभीर है और उपचार जारी है।

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में पुराने विस्फोटक और गोला-बारूद को नष्ट करने के दौरान हुए धमाके में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के चार जवान घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, सभी घायलों को कोंटा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। इनमें से दो सहायक उपनिरीक्षकों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

घायल जवान सीआरपीएफ की 50वीं बटालियन की गोला-बारूद तकनीकी टीम के सदस्य हैं। वे निरीक्षण और अनुपयोगी विस्फोटकों को नष्ट करने के लिए जगदलपुर से एलारमडगु शिविर पहुंचे थे। यह शिविर कोंटा रेंज के अंतर्गत आता है।

अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार शाम एलारमडगु सुरक्षा शिविर के पास पुराने विस्फोटक को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान अचानक विस्फोट हो गया, जिससे चारों जवान छर्रे लगने के कारण घायल हो गए। यह इलाका भेज्जी पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र में आता है।

और पढ़ें: छह साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी को फांसी की सजा, अदालत ने माना रेयरेस्ट ऑफ रेयर

घायलों की पहचान सहायक उपनिरीक्षक एम.के. तिवारी, सहायक उपनिरीक्षक अनीस खान, हेड कांस्टेबल कुलदीप राज और निरीक्षक अमरनाथ मिश्रा के रूप में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि तिवारी और खान की स्थिति गंभीर है। बेहतर उपचार के लिए दोनों को किसी अन्य चिकित्सा केंद्र में स्थानांतरित किए जाने की संभावना है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शिविर में नियमित प्रक्रिया के तहत अनुपयोगी हथगोले और गोला-बारूद को नष्ट किया जा रहा था। इसी दौरान दुर्घटनावश विस्फोट हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, विस्फोट से निकले छर्रों के कारण चार जवान घायल हुए।

सुकमा में नक्सल विरोधी अभियान जारी

सुकमा कभी छत्तीसगढ़ के सबसे अधिक नक्सल प्रभावित जिलों में शामिल था। हालांकि, सीआरपीएफ और राज्य पुलिस सहित सुरक्षा बलों के लगातार अभियानों से यहां स्थिति में सुधार हुआ है। पिछले कुछ महीनों में कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण भी किया है।

फरवरी में सुकमा में 22 नक्सलियों ने वरिष्ठ पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया था। यह आत्मसमर्पण सरकार की ‘पूना मारगेम’ यानी ‘नई सुबह’ पुनर्वास योजना के तहत हुआ। सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के अनुसार, जिला रिजर्व गार्ड, जिला बल, रेंज फील्ड टीम और सीआरपीएफ ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आत्मसमर्पण करने वालों को 50-50 हजार रुपये की सहायता दी गई और सरकारी नीति के अनुसार आगे पुनर्वास किया जाना है।

और पढ़ें: बडगाम मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का शीर्ष आतंकी मारा गया, कई हमलों में था वांछित

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share