नेपाल में फंसे तमिलनाडु के तीर्थयात्रियों के बचाव के लिए चार मंत्री दिल्ली रवाना, 86 अब भी लापता
नेपाल में बाढ़ के बाद तमिलनाडु और पुडुचेरी के 86 तीर्थयात्री लापता हैं। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बचाव और राहत समन्वय के लिए चार मंत्रियों को दिल्ली भेजा।
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद तमिलनाडु और पुडुचेरी के 86 तीर्थयात्रियों का अब तक पता नहीं चल पाया है। इनमें तमिलनाडु के 83 और पुडुचेरी के तीन लोग शामिल हैं। स्थिति को देखते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने केंद्र सरकार के साथ राहत और बचाव अभियान का समन्वय करने के लिए चार मंत्रियों को नई दिल्ली भेजने का फैसला किया है।
तमिलनाडु विधानसभा में गुरुवार को विस्तृत बयान देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री राज मोहन ने बताया कि तमिलनाडु और पुडुचेरी से कुल 106 तीर्थयात्री नेपाल गए थे। इनमें तमिलनाडु के 10 जिलों से 103 लोग शामिल थे। इनमें तंजावुर, मयिलादुथुरई, तिरुवन्नामलाई और चेन्नई के तीर्थयात्री भी शामिल हैं। तीन यात्री पुडुचेरी के थे।
मंत्री के अनुसार, तीर्थयात्रियों का काफिला तीन बसों में नेपाल की यात्रा कर रहा था। इनमें से एक बस अचानक आई बाढ़ की चपेट में आ गई। इस बस में सवार सभी 20 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया। उन्होंने एक रिजर्व पुलिस शिविर में शरण ली, जहां उन्हें भोजन, आश्रय और चिकित्सकीय सहायता दी जा रही है। उन्हें वैकल्पिक मार्ग से काठमांडू पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
और पढ़ें: तमिलनाडु सीएम विजय ने एमटीसी और टीएनएसटीसी के लिए 250 नई बसों को दिखाई हरी झंडी
राज मोहन ने बताया कि राज्य सरकार का मुख्य ध्यान अब शेष 86 लापता तीर्थयात्रियों का पता लगाने पर है। इसके लिए विदेश मंत्रालय और नेपाल स्थित भारतीय दूतावास के साथ लगातार संपर्क किया जा रहा है।
तीर्थयात्रा की व्यवस्था दो एजेंसियों ने की थी। तंजावुर स्थित सुपर यथिराई एजेंसी ने 57 लोगों की यात्रा का इंतजाम किया था, जिसमें पुडुचेरी के तीन यात्री भी शामिल थे। वहीं चेन्नई स्थित महादेव कैलाश यथिराई ने 49 लोगों की यात्रा आयोजित की थी। इन 49 यात्रियों के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिली है।
मुख्यमंत्री विजय की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के बाद चार मंत्रियों, जिनमें आधव अर्जुन भी शामिल हैं, को दिल्ली जाने का निर्देश दिया गया। वे केंद्र सरकार के साथ बचाव अभियान और तीर्थयात्रियों की सुरक्षित वापसी को लेकर समन्वय करेंगे।
दिल्ली में तमिलनाडु की रेजिडेंट कमिश्नर आशीष कुमार के नेतृत्व में एक आधिकारिक दल नेपाल जाएगा और राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी करेगा।
दिल्ली रवाना होने से पहले राज मोहन ने कहा कि सरकार बचाव प्रक्रिया तेज करेगी और सभी लोगों को वापस लाने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि बचाए गए तीर्थयात्री मानसिक रूप से आहत हो सकते हैं, इसलिए उन्हें आवश्यक चिकित्सा और आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार ने सभी तीर्थयात्रियों को सुरक्षित घर पहुंचाने की जिम्मेदारी लेने की बात कही है।