दिशा सालियान मौत मामले में सीबीआई को नए सबूत, आरोपी से हिरासत में पूछताछ की मांग
दिशा सालियान मौत मामले में उनके पिता के वकील ने सीबीआई को नए दस्तावेज और पेन ड्राइव सौंपी है। उन्होंने आरोपियों की हिरासत में पूछताछ और निगरानी में जांच मांगी।
दिवंगत सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में नया मोड़ आया। उनके पिता सतीश सालियान के वकील निलेश ओझा ने दावा किया कि मामले से जुड़े कई आरोप नए सबूतों के सामने आने के बाद सही साबित हो रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को नए दस्तावेज सौंपते हुए आरोपियों से तत्काल हिरासत में पूछताछ की मांग की है।
निलेश ओझा ने कहा कि उन्हें गृह मंत्रालय को सौंपी गई एक रिपोर्ट मिली है, जिसमें पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वझे की दोबारा सेवा में बहाली से जुड़े विवरण हैं। उनके मुताबिक, रिपोर्ट में बताया गया है कि 5 जून 2020 को सचिन वझे को तत्काल प्रभाव से बहाल कर अपराध खुफिया इकाई (सीआईयू) में नियुक्त किया गया था।
ओझा का आरोप है कि सीआईयू में नियुक्ति के लिए पुलिस निरीक्षक स्तर के अधिकारी की आवश्यकता थी, जबकि सचिन वझे इस मानदंड को पूरा नहीं करते थे। उन्होंने दावा किया कि उनकी नियुक्ति नियमों के विपरीत की गई।
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वकील ने आरोप लगाया कि यह तत्काल बहाली दिशा सालियान की कथित हत्या और उसके बाद मामले को दबाने की साजिश से जुड़ी हो सकती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देना था। हालांकि, ये आरोप अभी जांच का विषय हैं और इनके संबंध में अदालत का अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
ओझा ने कहा कि सभी दस्तावेज और अन्य जानकारियां शनिवार को सीबीआई को सौंप दी गई हैं। उन्होंने बताया कि सीबीआई को भेजे पत्र में तीन अन्य महत्वपूर्ण मांगें भी रखी गई हैं। अब वह बॉम्बे हाईकोर्ट में नई याचिका दाखिल कर आरोपियों की तत्काल हिरासत में पूछताछ और अदालत की निगरानी में जांच कराने की मांग करेंगे।
दिशा सालियान 8 जून 2020 को मुंबई में मृत मिली थीं। उनकी मौत को शुरुआत में आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट के रूप में दर्ज किया गया था। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से कुछ दिन पहले हुई इस घटना ने भी व्यापक विवाद पैदा किया था।
बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सीबीआई ने 14 सितंबर को मामले में एफआईआर दर्ज कर नए सिरे से जांच शुरू की। सतीश सालियान और उनके वकील ने जांच एजेंसी को एक पेन ड्राइव भी सौंपी है, जिसमें कथित तौर पर मामले से जुड़े सबूत मौजूद हैं।
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