पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि 7.8% पर, पाँच तिमाहियों में सबसे ऊँचा स्तर
पहली तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि 7.8% रही, पाँच तिमाहियों में सबसे तेज़। उद्योग, सेवा और कृषि क्षेत्रों में मजबूती के कारण अर्थव्यवस्था ने संतुलित प्रदर्शन किया।
भारत की अर्थव्यवस्था ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में मजबूत प्रदर्शन करते हुए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर को 7.8% तक पहुंचा दिया। यह वृद्धि पिछले पाँच तिमाहियों में सबसे तेज़ है। इससे पहले इतनी तेज़ वृद्धि मार्च 2024 को समाप्त तिमाही में दर्ज की गई थी।
आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह वृद्धि कई क्षेत्रों में आई मजबूती का परिणाम है। उद्योग, सेवा और कृषि—सभी प्रमुख क्षेत्रों में संतुलित सुधार देखने को मिला। विनिर्माण क्षेत्र में बेहतर उत्पादन, सेवा क्षेत्र में बढ़ती मांग और कृषि में स्थिर प्रदर्शन ने जीडीपी वृद्धि को गति दी।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पूंजीगत निवेश में बढ़ोतरी और निजी खपत में सुधार ने भी आर्थिक वृद्धि को सहारा दिया। वित्त मंत्रालय का कहना है कि यह रुझान भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और वैश्विक चुनौतियों के बीच उसकी स्थिरता को दर्शाता है।
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हालाँकि, विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी तिमाहियों में वैश्विक आर्थिक मंदी, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मानसून की अनिश्चितता जैसे कारक वृद्धि दर को प्रभावित कर सकते हैं।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने अनुमान जताया है कि चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी वृद्धि दर मजबूत बनी रह सकती है, हालांकि उच्च आधार प्रभाव के कारण आने वाले महीनों में इसमें कुछ धीमापन आ सकता है।
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