भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए जर्मनी का बड़ा कदम: ट्रांजिट वीज़ा से मिली राहत
जर्मनी ने भारतीय पासपोर्ट धारकों को ट्रांजिट वीज़ा से छूट दी है। अब गैर-शेंगेन देशों की यात्रा के दौरान फ्रैंकफर्ट और म्यूनिख जैसे हवाई अड्डों से बिना वीज़ा ट्रांजिट संभव होगा।
भारतीय यात्रियों के लिए जर्मनी ने एक अहम और राहत भरा फैसला लिया है। जर्मनी ने घोषणा की है कि अब भारतीय पासपोर्ट धारकों को उसके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों से यात्रा के दौरान ट्रांजिट वीज़ा की आवश्यकता नहीं होगी। यह नया नियम उन यात्रियों पर लागू होगा जो जर्मनी के हवाई अड्डों से होकर किसी गैर-शेंगेन देश की यात्रा कर रहे हैं।
अब तक, भले ही यात्री केवल हवाई अड्डे के ट्रांजिट एरिया में ही क्यों न रुकें, उन्हें शेंगेन एयरपोर्ट ट्रांजिट वीज़ा (टाइप-ए वीज़ा) लेना अनिवार्य था। इसके बिना यात्रियों को अक्सर पहले ही बोर्डिंग से रोक दिया जाता था। इस प्रक्रिया में दस्तावेज़, फोटो, टिकट, बीमा और लगभग 90 यूरो शुल्क देना पड़ता था, जिसमें कई बार 15 दिन या उससे अधिक समय लग जाता था।
यह निर्णय जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की 12-13 जनवरी 2026 को भारत यात्रा के दौरान लिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेज़बानी में हुई इस यात्रा में रक्षा, व्यापार, सेमीकंडक्टर और मोबिलिटी जैसे विषयों पर चर्चा हुई। वीज़ा-फ्री ट्रांजिट को इन वार्ताओं का एक जनहितकारी परिणाम बताया गया।
नए नियम के तहत भारतीय नागरिक फ्रैंकफर्ट और म्यूनिख जैसे प्रमुख जर्मन हवाई अड्डों से बिना ट्रांजिट वीज़ा बदले विमान बदल सकते हैं, बशर्ते वे 24 घंटे के भीतर किसी गैर-शेंगेन देश के लिए रवाना हों और हवाई अड्डे के अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट क्षेत्र से बाहर न निकलें।
हालांकि, यह सुविधा जर्मनी या किसी अन्य शेंगेन देश में प्रवेश की अनुमति नहीं देती। जो यात्री हवाई अड्डे से बाहर जाना चाहते हैं, उन्हें पहले की तरह उपयुक्त वीज़ा लेना होगा।
इस फैसले से भारतीय यात्रियों को अधिक उड़ान विकल्प, कम खर्च और आसान कनेक्टिविटी मिलेगी। यह भारत-जर्मनी संबंधों में लोगों के आवागमन को सरल बनाने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
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