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गोवा नाइटक्लब की ₹22 करोड़ की कमाई मनी लॉन्ड्रिंग की आय: प्रवर्तन निदेशालय

ईडी ने गोवा नाइटक्लब की ₹22 करोड़ की आय को मनी लॉन्ड्रिंग की राशि बताया है। क्लब पर फर्जी लाइसेंस और अवैध संचालन के गंभीर आरोप लगे हैं।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा कि गोवा स्थित एक नाइटक्लब द्वारा पिछले दो वित्तीय वर्षों में अर्जित की गई ₹22 करोड़ की आय को मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत “अपराध की आय” (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) माना जा रहा है। यह वही नाइटक्लब है, जहां पिछले साल लगी भीषण आग में 25 लोगों की मौत हो गई थी।

ईडी ने रविवार (25 जनवरी 2026) को बताया कि ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नामक इस नाइटक्लब को संचालित करने वाली संस्थाओं ने 2023-24 और 2024-25 के दौरान लगभग ₹22 करोड़ का राजस्व अर्जित किया। एजेंसी का आरोप है कि यह क्लब आवश्यक वैधानिक लाइसेंसों के बिना और विभिन्न विभागों से फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के आधार पर चलाया जा रहा था।

ईडी ने 23 जनवरी को गोवा, दिल्ली और हरियाणा में इस क्लब और इसके प्रमोटरों — गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा — के ठिकानों पर छापेमारी की। दिसंबर 6, 2025 को गोवा के अर्पोरा गांव में स्थित इस क्लब में एक डांस पार्टी के दौरान आग लग गई थी, जिसमें 50 लोग घायल हुए थे।

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ईडी के अनुसार, छापेमारी में वैधानिक अनुपालन से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। एजेंसी ने कहा कि अवैध रूप से संचालित इस प्रतिष्ठान से अर्जित करोड़ों रुपये की राशि को निजी बैंक खातों और समूह की अन्य इकाइयों में स्थानांतरित किया गया। इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कुछ बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है।

जांच के दौरान विदेशी लेनदेन से जुड़े सबूत भी मिले हैं। ईडी इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस पूरे मामले में भ्रष्टाचार का कोई पहलू भी शामिल है। यह जांच गोवा पुलिस द्वारा दर्ज दो एफआईआर के आधार पर शुरू की गई है।

अब तक गोवा पुलिस आठ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। लूथरा बंधुओं पर घटना के बाद देश से फरार होने का आरोप है। वे बाद में थाईलैंड से भारत प्रत्यर्पित किए गए।

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