गोवा क्लब अग्निकांड: मनी लॉन्ड्रिंग जांच में ED की दिल्ली समेत 8 ठिकानों पर छापेमारी
गोवा क्लब अग्निकांड में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत ED ने दिल्ली और गोवा में 8 स्थानों पर छापेमारी की, जिसमें क्लब मालिकों और अधिकारियों की भूमिका की जांच हो रही है।
गोवा के अर्पोरा गांव स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच तेज कर दी है। इस घटना में पिछले महीने 6 दिसंबर को 25 लोगों की मौत हो गई थी। इसी सिलसिले में ED गोवा ने शुक्रवार सुबह से गोवा और दिल्ली में कम से कम आठ स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया।
सूत्रों के अनुसार, ED की टीमें नाइटक्लब के मालिक और साझेदार सौरभ लूथरा, गौरव लूथरा और अजय गुप्ता के आवासीय और कार्यालय परिसरों पर छापेमारी कर रही हैं। जांच का मुख्य फोकस क्लब के कथित अवैध संचालन, उसके प्रमोटरों की भूमिका और इससे जुड़े धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के आरोपों पर है।
सूत्रों ने यह भी बताया कि ED अवैध रूप से खजान भूमि (नमक के खेत) के रूपांतरण से जुड़े धन शोधन के पहलू की भी जांच कर रही है, जिस भूमि पर कथित तौर पर यह क्लब संचालित किया जा रहा था। इसी क्रम में सुरिंदर कुमार खोसला के परिसरों पर भी तलाशी ली जा रही है।
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एक अधिकारी के अनुसार, तलाशी अभियान दिल्ली और गोवा में 8 से 9 स्थानों पर चल रहा है। इनमें दिल्ली के किंग्सवे कैंप, गुरुग्राम के तत्वम विला और गोवा में अर्पोरा-नागोआ ग्राम पंचायत के तत्कालीन सरपंच रोशन रेडकर तथा तत्कालीन पंचायत सचिव रघुवीर बागकर के परिसर शामिल हैं।
आरोप है कि इन पंचायत अधिकारियों ने क्लब को संचालित करने के लिए व्यापार लाइसेंस और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने में सुविधा प्रदान की। ED इन सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अवैध गतिविधियों से अर्जित धन को किस तरह से ठिकाने लगाया गया।
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