गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मेमनगर में एसजीवीपी गुरुकुल की रथ यात्रा को दिखाई हरी झंडी
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अहमदाबाद के मेमनगर स्थित एसजीवीपी गुरुकुल की रथ यात्रा को हरी झंडी दिखाई और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना की।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को अहमदाबाद के मेमनगर स्थित एसजीवीपी गुरुकुल की पारंपरिक रथ यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों के समक्ष वैदिक परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना की तथा महाआरती में भी भाग लिया।
रथ यात्रा शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन किए और राज्य की सुख-समृद्धि, शांति तथा नागरिकों के कल्याण की प्रार्थना की। धार्मिक अनुष्ठान पूरे वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुए, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने रथ यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा, गुरुकुल के विद्यार्थी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। रथ यात्रा के मार्ग पर श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के जयकारों के साथ फूल बरसाकर यात्रा का स्वागत किया। पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
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प्रशासन ने रथ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। पुलिस बल, यातायात पुलिस और आपातकालीन सेवाओं की टीमें पूरे मार्ग पर तैनात रहीं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
एसजीवीपी गुरुकुल की रथ यात्रा गुजरात की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल मानी जाती है। हर वर्ष इस यात्रा में हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं और भगवान जगन्नाथ की भव्य शोभायात्रा का दर्शन करते हैं। इस दौरान धार्मिक भजन, कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने श्रद्धालुओं को रथ यात्रा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद सभी पर बना रहे और समाज में प्रेम, सद्भाव तथा एकता का संदेश मजबूत हो। उन्होंने लोगों से धार्मिक आयोजनों के दौरान अनुशासन बनाए रखने और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने की अपील भी की।
रथ यात्रा के सफल आयोजन के लिए स्थानीय प्रशासन, एसजीवीपी गुरुकुल प्रबंधन और स्वयंसेवकों ने मिलकर व्यापक तैयारियां की थीं। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई, जिससे यात्रा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।
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