आतंकियों की मदद के आरोप में हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी
जम्मू की एनआईए अदालत ने हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया। एजेंसी ने उस पर कश्मीर में आतंकियों को धन, हथियार और निर्देश देने का आरोप लगाया है।
जम्मू में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और नामित आतंकवादी हाफिज मोहम्मद सईद के खिलाफ नया गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। एनआईए के मुताबिक, सईद पाकिस्तान में रहकर कश्मीर में सक्रिय आतंकियों को कथित तौर पर आर्थिक मदद, हथियार और निर्देश उपलब्ध करा रहा है।
जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि हाफिज सईद गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत नामित आतंकवादी है और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है। वह फिलहाल पाकिस्तान में मौजूद है और गिरफ्तारी से बचने के लिए जानबूझकर कानूनी प्रक्रिया से दूर रह रहा है।
अदालत ने माना कि आरोपी फरार है और जांच एजेंसी सामान्य कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए उसकी मौजूदगी सुनिश्चित नहीं कर सकी है। इसके बाद अदालत ने गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी करने की अनुमति दी। अदालत ने वारंट को कानून के अनुसार कार्रवाई के लिए एनआईए जम्मू के डीआईजी को भेजने का निर्देश भी दिया।
और पढ़ें: मैथ्यू वैन डाइक मामला: एनआईए ने कहा- यूएपीए जांच नहीं हुई बंद, सातों आरोपियों के खिलाफ जांच जारी
यह मामला जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा पंडाच इलाके के गुज्जर टेंट में सुरक्षा जांच के दौरान एक संदिग्ध आतंकी को पकड़े जाने के बाद सामने आया था। उसके पास से एक चीनी ग्रेनेड और 15 जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे।
पूछताछ के दौरान आरोपी की पहचान श्रीनगर निवासी मोहम्मद नकीब भट के रूप में हुई। इसके बाद यूएपीए, शस्त्र अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
जम्मू की एनआईए अदालत द्वारा सईद के खिलाफ दो महीने से भी कम समय में यह दूसरा ऐसा वारंट है। इससे पहले जुलाई में पहलगाम आतंकी हमले की जांच के सिलसिले में भी उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। इस हमले में 26 पर्यटकों की मौत हुई थी। एनआईए ने सईद को हमले के कथित मास्टरमाइंड में से एक बताया है।
और पढ़ें: एनआईए का बड़ा यू-टर्न, अमेरिकी नागरिक वैन डाइक समेत सात पर आतंकवाद की धाराएं नहीं