हामिद अंसारी के हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता वाले बयान पर विवाद, बीजेपी ने साधा निशाना
हामिद अंसारी के हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता संबंधी बयान पर बीजेपी ने आपत्ति जताई। प्रदीप भंडारी ने टिप्पणी को राहुल गांधी से जोड़ते हुए कांग्रेस पर राजनीतिक निशाना साधा।
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के एक बयान को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। अंसारी ने कहा कि भारत के लिए साम्यवाद से ज्यादा बड़ा खतरा हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता है। उन्होंने यह टिप्पणी एजी नूरानी मेमोरियल लेक्चर के दौरान की।
अपने संबोधन में अंसारी ने इतिहासकार और लेखक एजी नूरानी की किताब द आरएसएस: ए मेनस टू इंडिया का उल्लेख किया। उन्होंने किताब की प्रस्तावना में जवाहरलाल नेहरू के कथित विचारों को उद्धृत करते हुए कहा कि भारत के लिए खतरा साम्यवाद नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता है। यह टिप्पणी सामने आने के बाद बीजेपी ने अंसारी पर निशाना साधा।
बीजेपी ने राहुल गांधी से जोड़ा बयान
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि अंसारी की टिप्पणी कांग्रेस नेता राहुल गांधी के निर्देश पर की गई है। उन्होंने 2009 में राहुल गांधी द्वारा कथित तौर पर हिंदू संगठनों को लश्कर-ए-तैयबा से बड़ा खतरा बताए जाने का भी जिक्र किया। हालांकि, ये बीजेपी की राजनीतिक टिप्पणियां हैं।
और पढ़ें: अमेरिका के डर से अपनी ही पहल छोड़ रही सरकार: नए यूपीआई नियमों पर पवन खेड़ा का बीजेपी पर हमला
गजनी पर टिप्पणी को लेकर भी विवाद
हामिद अंसारी पहले भी महमूद गजनवी को कथित तौर पर “भारतीय लुटेरा” कहने वाली टिप्पणी को लेकर बीजेपी के निशाने पर आ चुके हैं। एक इंटरव्यू में अंसारी ने इतिहास में विदेशी आक्रमणकारियों के रूप में वर्णित कुछ शासकों को भारतीय लुटेरा बताया था।
बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने इस टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा था कि गजनवी ने सोमनाथ मंदिर को नष्ट और अपवित्र किया था। वहीं, प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा था।