डोंबिवली में डॉक्टरों पर हमले के विरोध में आईएमए का प्रदर्शन, 20 जुलाई को 24 घंटे चिकित्सा सेवाएं रहेंगी बंद
डोंबिवली के शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों पर हमले के विरोध में आईएमए महाराष्ट्र ने 20 जुलाई को 24 घंटे नियमित चिकित्सा सेवाएं रोकने का ऐलान किया है।
महाराष्ट्र के डोंबिवली स्थित शास्त्रीनगर नगरपालिका अस्पताल में डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मचारियों पर हुए हिंसक हमले के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) महाराष्ट्र ने बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। आईएमए ने 20 जुलाई 2026 को राज्यभर में 24 घंटे के लिए नियमित चिकित्सा सेवाएं बंद रखने की घोषणा की है।
आईएमए महाराष्ट्र ने सरकार से मांग की है कि डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला करने वाले सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। संगठन ने यह भी कहा है कि इस मामले में किसी भी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए और दोषियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
आईएमए ने महाराष्ट्र मेडिकेयर अधिनियम में संशोधन की मांग भी उठाई है, ताकि भविष्य में डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं को रोका जा सके।
संगठन ने कहा कि अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी मरीजों की सेवा के लिए दिन-रात काम करते हैं। ऐसे में उनके साथ मारपीट या हिंसा की घटनाएं स्वीकार नहीं की जा सकतीं। स्वास्थ्य क्षेत्र में सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
डोंबिवली के शास्त्रीनगर नगरपालिका अस्पताल में हुई घटना के बाद चिकित्सा समुदाय में नाराजगी बढ़ गई है। आईएमए का कहना है कि यदि स्वास्थ्य कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो देशभर में चिकित्सा सेवाओं पर इसका असर पड़ सकता है।
आईएमए ने राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की अपील की है। संगठन ने कहा कि डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून और उसके सख्त पालन की जरूरत है।
20 जुलाई को प्रस्तावित हड़ताल के दौरान आपातकालीन सेवाओं को जारी रखने की व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि मरीजों को गंभीर परेशानी का सामना न करना पड़े।
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