भारत और अर्जेंटीना ने रणनीतिक एवं आर्थिक साझेदारी गहरी करने की प्रतिबद्धता दोहराई
भारत और अर्जेंटीना ने रणनीतिक एवं आर्थिक संबंध मजबूत करने पर सहमति जताई। दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, कृषि, खनन, दवा, अंतरिक्ष और डिजिटल क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसर तलाशे।
भारत और अर्जेंटीना ने अपनी रणनीतिक तथा आर्थिक साझेदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। दोनों देशों ने सहमत रोडमैप की प्रगति की समीक्षा करते हुए व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग के लिए नए अवसर तलाशने पर जोर दिया। भारत-अर्जेंटीना संयुक्त व्यापार समिति (जेटीसी) की चौथी बैठक 24 अगस्त को ब्यूनस आयर्स स्थित पालासियो सैन मार्टिन में हुई।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने किया, जबकि अर्जेंटीना की ओर से अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंध सचिव एवं राजदूत फर्नांडो ब्रून ने प्रतिनिधित्व किया। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2025 में अर्जेंटीना यात्रा के दौरान तय किए गए रोडमैप की प्रगति की समीक्षा की गई।
दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2025 में 6.5 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर गया। इसमें सालाना 17 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। भारत अर्जेंटीना का पांचवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार के विस्तार और विविधीकरण की बड़ी संभावनाएं सामने आती हैं।
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बैठक में अर्जेंटीना की ओर से विदेशी व्यापार को आसान बनाने, गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करने और निवेश को बढ़ावा देने के प्रयासों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने व्यापारिक अवसरों में अधिक पारस्परिकता और संतुलन की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
खनन, ऊर्जा और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विशेष चर्चा हुई। अर्जेंटीना के लिथियम क्षेत्र में भारत की खनिज विदेश इंडिया लिमिटेड (काबिल) की भागीदारी भी महत्वपूर्ण रही। कैटामार्का में काबिल की पहली लिथियम खनन पहल के दूसरे चरण की ड्रिलिंग पूरी हो चुकी है। साल्टा और जुजुय प्रांतों में भी नए अवसरों की तलाश की जा रही है।
कृषि उत्पादों के लिए बाजार पहुंच बढ़ाने में भी प्रगति दर्ज की गई। भारतीय प्याज, दूध और दुग्ध उत्पाद, अंगूर, आलू, केले तथा दालों के लिए स्वच्छता एवं पादप स्वच्छता संबंधी मानकों पर तकनीकी स्तर की बातचीत आगे बढ़ रही है। इससे भारतीय किसानों और निर्यातकों के लिए अर्जेंटीना के बाजार में अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
दवा क्षेत्र में अर्जेंटीना ने भारत का नियामकीय दर्जा एनेक्स-II से एनेक्स-I करने की दिशा में काम करने और प्रवेश बाधाओं को कम करने की प्रतिबद्धता जताई। इससे भारतीय दवा कंपनियों के लिए बाजार में नए अवसर खुल सकते हैं और अर्जेंटीना में किफायती स्वास्थ्य उत्पादों की उपलब्धता बढ़ सकती है।
दोनों देशों ने 2019 में अर्जेंटीना की एएनएमएटी और भारत के सीडीएससीओ के बीच हुए समझौता ज्ञापन के आधार पर आयुर्वेद और योग में संयुक्त पहल के जरिए सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई। विमानन, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, दूरसंचार और डिजिटल सेवाओं, विशेषकर 5जी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल बुनियादी ढांचे को भी भविष्य के सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया गया।
भारत-मर्कोसुर तरजीही व्यापार समझौते को बाजार पहुंच बढ़ाने और आर्थिक एकीकरण मजबूत करने का अहम माध्यम माना गया। समझौते के संदर्भ में कार्यक्षेत्र की शर्तों और डिजिटल मूल प्रमाणपत्रों को अपनाने की दिशा में प्रगति से सीमा-पार व्यापार सुगम होने की उम्मीद है।
जेटीसी बैठक के बाद अर्जेंटीना के विदेश मामलों, अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं धार्मिक मामलों के मंत्री पाब्लो क्विर्नो और उद्योग जगत के जी6 वाणिज्यिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ भी बातचीत हुई। इसमें अर्जेंटीना के कारोबारी समुदाय ने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों में मौजूद अवसरों और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप सरकारी पहलों को आगे बढ़ाने पर विचार रखे।
राजेश अग्रवाल ने कृषि, पशुधन एवं मत्स्य सचिव सर्जियो इराएता के साथ प्याज, खट्टे फलों, डेयरी, अखरोट, अंगूर और केले से जुड़े रोडमैप की समीक्षा की। उन्होंने नियमन संबंधी बाधाओं और भारतीय दवा उत्पादों की नियामकीय मान्यता पर अर्जेंटीना के नियमन-मुक्ति सचिव अलेजांद्रो काकासे से भी चर्चा की।
अंतरिक्ष और परमाणु सहयोग को लेकर नवाचार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सचिव एड्रियाना बारावाले, कोनाए की जोसेफिना पेरेज़ और परमाणु एवं अंतरिक्ष क्षेत्र की निदेशक जिमेना शियाफिनो के साथ चर्चा हुई। प्रस्तावित इसरो-कोनाए बैठक पर भी विचार किया गया।
25 अगस्त को पालासियो सैन मार्टिन में भारत-अर्जेंटीना बिजनेस फोरम आयोजित हुआ। इसमें दोनों देशों के सरकारी प्रतिनिधियों और कारोबारी जगत ने भाग लिया। राजेश अग्रवाल ने अर्जेंटीना के लिए अब तक के सबसे बड़े भारतीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया, जिसमें यूपीएल, किर्लोस्कर और आदित्य बिड़ला समूह समेत 25 से अधिक कारोबारी नेता शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने कृषि, खनिज, ऊर्जा, दवा, स्वास्थ्य, पर्यटन, बैंकिंग और दूरसंचार क्षेत्रों में व्यापार, निवेश और साझेदारी की संभावनाओं पर अर्जेंटीना के उद्योग जगत से बातचीत की। दोनों पक्षों ने बाजार पहुंच सुधारने, नियामकीय और व्यापारिक बाधाएं दूर करने तथा कारोबारी स्तर पर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
भारत-अर्जेंटीना आर्थिक साझेदारी में व्यापार विस्तार, निवेश बढ़ाने और नए क्षेत्रों में मूल्य सृजन की व्यापक संभावनाएं हैं। पारंपरिक और उभरते क्षेत्रों में मजबूत सहयोग दोनों देशों की आर्थिक वृद्धि को गति दे सकता है।
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