भारत-ग्रीस रक्षा संबंधों को नई मजबूती, औद्योगिक और सैन्य सहयोग पर अहम समझौते
भारत और ग्रीस ने रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए संयुक्त घोषणा और 2026 सैन्य सहयोग योजना पर सहमति जताई। समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा मिली।
भारत और ग्रीस ने अपने रणनीतिक एवं रक्षा संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सोमवार को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और ग्रीस के रक्षा मंत्री निकोलाओस-जॉर्जियोस डेंडियास के बीच व्यापक द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें दोनों देशों ने रक्षा सहयोग को और सुदृढ़ बनाने पर सहमति व्यक्त की।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने रक्षा औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक संयुक्त आशय घोषणा (जॉइंट डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट) पर हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही वर्ष 2026 के लिए द्विपक्षीय सैन्य सहयोग योजना का आदान-प्रदान भी किया गया। इस योजना में दोनों देशों की सेनाओं के बीच संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण कार्यक्रम और अन्य सैन्य गतिविधियों की रूपरेखा निर्धारित की गई है।
दोनों मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि भारत-ग्रीस रणनीतिक साझेदारी शांति, स्थिरता, स्वतंत्रता और पारस्परिक सम्मान जैसे साझा मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल और ग्रीस के ‘एजेंडा 2030’ रक्षा आधुनिकीकरण कार्यक्रम के बीच सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह संयुक्त घोषणा रक्षा उद्योग में अगले पांच वर्षों के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार करने की आधारशिला मानी जा रही है।
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वार्ता में क्षेत्रीय और वैश्विक शांति एवं सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ। दोनों प्राचीन समुद्री परंपराओं वाले देशों ने समुद्री सुरक्षा और समुद्री क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने के विषय पर अपने दृष्टिकोण में समानता रेखांकित की। इसी क्रम में ग्रीस ने गुरुग्राम स्थित इंफॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर-हिंद महासागर क्षेत्र (IFC-IOR) में एक ग्रीक अंतरराष्ट्रीय संपर्क अधिकारी तैनात करने की घोषणा की, जो समुद्री सहयोग को और सशक्त करेगा।
ग्रीक रक्षा मंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की। उन्होंने मानेकशॉ सेंटर में त्रि-सेवा गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण भी किया। इसके अलावा हेलेनिक प्रतिनिधिमंडल ने बेंगलुरु में प्रमुख रक्षा एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों का दौरा किया और नई दिल्ली में रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों (डीपीएसयू), भारतीय रक्षा उद्योग तथा स्टार्ट-अप प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया।
यह दौरा भारत और ग्रीस के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों की पुनः पुष्टि करता है और रक्षा एवं सुरक्षा क्षेत्र में बढ़ते रणनीतिक सहयोग को नई गति प्रदान करता है।
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