भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सरकार की सफाई, संशोधन साझा समझ का हिस्सा
विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका की संशोधित फैक्टशीट भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की साझा समझ के अनुरूप है। व्हाइट हाउस ने भारत की खरीद, टैरिफ और डिजिटल टैक्स संबंधी दावे नरम किए।
भारत सरकार ने अमेरिका द्वारा जारी किए गए संशोधित फैक्टशीट पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि इसमें किए गए बदलाव दोनों देशों के बीच बनी “साझा समझ” के अनुरूप हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को कहा कि 7 फरवरी 2026 को जारी संयुक्त बयान ही इस अंतरिम व्यापार समझौते की आधारशिला है और आगे की प्रक्रिया उसी के अनुसार आगे बढ़ेगी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच पारस्परिक और लाभकारी व्यापार के लिए अंतरिम समझौते का ढांचा तय किया जा चुका है। अब दोनों देश इस ढांचे को लागू करने और अंतिम समझौते को पूरा करने की दिशा में काम करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी फैक्टशीट में किए गए संशोधन उसी साझा समझ को दर्शाते हैं, जिस पर दोनों देशों ने सहमति जताई थी।
यह स्पष्टीकरण तब आया जब शुरुआती अमेरिकी दस्तावेज और भारत के संस्करण में कुछ विरोधाभासों की खबरें सामने आईं। इसके बाद व्हाइट हाउस ने अपनी फैक्टशीट अपडेट की और भारत की प्रतिबद्धताओं से जुड़े कई दावों को नरम किया। पहले दस्तावेज में कहा गया था कि भारत 500 अरब डॉलर से अधिक के अमेरिकी उत्पाद खरीदेगा, लेकिन संशोधित संस्करण में इसे बदलकर “भारत अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदने का इरादा रखता है” कर दिया गया और कृषि उत्पादों का उल्लेख भी हटा दिया गया।
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टैरिफ और डिजिटल व्यापार से जुड़े हिस्सों में भी बदलाव किए गए। पहले कहा गया था कि भारत डिजिटल सेवा कर हटाएगा, लेकिन अपडेटेड दस्तावेज में यह दावा हटा दिया गया है।
यह समझौता व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2025 में की थी।
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