भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर पीयूष गोयल: अमेरिका बना सबसे पसंदीदा निर्यात बाजार
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिका अब भारतीय निर्यात का सबसे बड़ा बाजार बनेगा, शुल्क घटे हैं और किसानों के हितों की पूरी सुरक्षा की गई है।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि अब अमेरिका भारतीय निर्यात के लिए सबसे पसंदीदा बाजार बन गया है। उन्होंने बताया कि इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाना है और देश के हर क्षेत्र से इस समझौते को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।
पीयूष गोयल ने कहा कि विकसित भारत 2047 की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है। फरवरी 2025 से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू हुई थी और अब इसका ठोस परिणाम सामने आया है। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका अब भारतीय निर्यातकों के लिए बड़े अवसर खोलने जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, जो पड़ोसी देशों की तुलना में सबसे कम है। इससे भारतीय निर्यातकों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बड़ा फायदा मिलेगा।
कृषि और डेयरी क्षेत्र को लेकर उठी चिंताओं पर गोयल ने कहा कि किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा की गई है। जिन उत्पादों में भारत आत्मनिर्भर है, जैसे मांस, डेयरी उत्पाद, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, अनाज और तिलहन, उन्हें समझौते से बाहर रखा गया है।
उन्होंने कहा कि कई भारतीय उत्पाद अब अमेरिका में शून्य शुल्क पर निर्यात होंगे। इनमें रत्न-आभूषण, हीरे, दवाइयां और स्मार्टफोन शामिल हैं। कृषि क्षेत्र में मसाले, चाय, कॉफी, नारियल, काजू और कई फल-सब्जियां भी शून्य शुल्क पर निर्यात की जा सकेंगी।
दोनों देशों ने कहा कि यह समझौता संतुलित व्यापार, बेहतर बाजार पहुंच और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला के लिए साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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