अमेरिका की नई टैरिफ नीति से भारत-अमेरिका व्यापार समझौता टला, रूस से तेल आयात बढ़ा
अमेरिका की नई टैरिफ नीति के कारण भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में देरी हुई है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि भारत रूस से कच्चे तेल का आयात बढ़ा रहा है।
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर फिलहाल रोक लग गई है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि अमेरिका की नई वैश्विक टैरिफ नीति में हो रहे बदलावों के कारण इस समझौते पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया फिलहाल टल गई है। पहले उम्मीद थी कि यह समझौता मार्च में साइन हो जाएगा, लेकिन अब नई टैरिफ संरचना तय होने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
राजेश अग्रवाल के अनुसार, अमेरिका इस समय पूरी दुनिया के लिए अपनी टैरिफ प्रणाली को फिर से व्यवस्थित कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की अदालतों के हालिया फैसलों के बाद इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगने वाले टैरिफ पहले जैसे नहीं रहे। अब लगभग 10 प्रतिशत के वैश्विक टैरिफ ढांचे को लागू करने की दिशा में काम चल रहा है, जिसे अमेरिकी सरकार आर्टिकल 122 के तहत लागू करने की कोशिश कर रही है।
अग्रवाल ने कहा कि भारत किसी भी व्यापार समझौते को उसी समय अंतिम रूप देगा जब अमेरिका अपनी नई टैरिफ संरचना स्पष्ट कर देगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच समझौते को लेकर बातचीत जारी है और जैसे ही अमेरिकी नीति स्पष्ट होगी, समझौते पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।
ऊर्जा व्यापार को लेकर अग्रवाल ने यह भी बताया कि भारत रूस से कच्चे तेल की खरीद बढ़ा रहा है। हालांकि उन्होंने इसके सटीक आंकड़े या समयसीमा के बारे में जानकारी नहीं दी।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि कनाडा के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर भी बातचीत जारी है। फिलहाल दोनों देशों के अधिकारी वर्चुअल बैठकों के जरिए चर्चा कर रहे हैं और अप्रैल या मई में आमने-सामने बातचीत होने की संभावना है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, कनाडा के साथ वार्ता अलग से चल रही है, लेकिन यह भारत की वैश्विक व्यापार साझेदारियों को मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
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