भारतीय नौसेना को मिला एक और एमएच-60आर सीहॉक हेलिकॉप्टर, समुद्री सुरक्षा क्षमता होगी मजबूत
भारतीय नौसेना को लॉकहीड मार्टिन निर्मित एक और एमएच-60आर सीहॉक हेलिकॉप्टर मिला। यह पनडुब्बी रोधी युद्ध, निगरानी और समुद्री अभियानों में भारत की क्षमता को बढ़ाएगा।
भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग को मजबूती देते हुए भारतीय नौसेना को एक और अत्याधुनिक एमएच-60आर सीहॉक नौसैनिक हेलिकॉप्टर प्राप्त हुआ है। पिछले सप्ताह कोच्चि में इस हेलिकॉप्टर को नौसेना में शामिल किया गया। इसके अलावा दो और हेलिकॉप्टरों के इस सप्ताह भारत पहुंचने की उम्मीद है।
अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन द्वारा निर्मित एमएच-60आर सीहॉक हेलिकॉप्टर को भारत ने वर्ष 2020 में हुए फॉरेन मिलिट्री सेल्स (एफएमएस) समझौते के तहत खरीदा था। भारत में इसकी डिलीवरी शुरू होने के बाद यह नौसेना के आधुनिकीकरण अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस उपलब्धि को भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी के लिए “बेहतरीन खबर” बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के अत्याधुनिक उपकरण दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों को दर्शाते हैं।
और पढ़ें: भारतीय नौसेना ने अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती की कोशिश नाकाम की, 21 क्रू सुरक्षित
क्या है एमएच-60आर सीहॉक?
एमएच-60आर सीहॉक एक बहुउद्देश्यीय समुद्री हेलिकॉप्टर है, जिसे पनडुब्बी रोधी युद्ध, सतह पर मौजूद दुश्मन के जहाजों के खिलाफ अभियान, खोज और बचाव कार्य, निगरानी तथा युद्धपोतों से संचालन के लिए डिजाइन किया गया है।
यह हेलिकॉप्टर अत्याधुनिक सेंसर, लंबी दूरी की निगरानी प्रणाली और आधुनिक हथियारों से लैस है। इसकी मदद से भारतीय नौसेना दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने, समुद्री मार्गों की सुरक्षा करने और विमानवाहक पोत समूहों को बेहतर सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम होगी।
एमएच-60आर को मूल रूप से अमेरिकी नौसेना के पुराने हेलिकॉप्टरों की जगह लेने के लिए विकसित किया गया था। यह समुद्र और जमीन दोनों जगहों से प्रभावी संचालन कर सकता है।
कब हुआ था सौदा?
भारत ने वर्ष 2020 में 24 एमएच-60आर सीहॉक हेलिकॉप्टर खरीदने का समझौता किया था। वर्ष 2021 में इसे भारतीय नौसेना में शामिल किया गया और पहला स्क्वाड्रन आईएनएएस 334 कोच्चि स्थित आईएनएस गरुड़ में तैनात किया गया।
ऑपरेशन सिंदूर में भूमिका
दिसंबर 2025 में दूसरे स्क्वाड्रन के गठन के बाद पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने बताया था कि एमएच-60आर हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किया गया था। उन्होंने कहा था कि इन हेलिकॉप्टरों ने अपनी निर्धारित भूमिका को सफलतापूर्वक निभाया।
उन्होंने एमएच-60आर को बेहद सक्षम प्लेटफॉर्म बताते हुए अमेरिका से 24 हेलिकॉप्टरों की खरीद को एक महत्वपूर्ण कदम बताया था।
और पढ़ें: भारत-जापान UNICORN रक्षा समझौता: भारतीय नौसेना के लिए स्टील्थ टेक्नोलॉजी में बड़ा कदम