विप्रो की जॉइनिंग में देरी को लेकर आईटी अधिकार संगठन ने श्रम मंत्रालय से की शिकायत
आईटी कर्मचारियों के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन नाइट्स ने विप्रो की एलीट हायरिंग 2025 में चयनित 200 से अधिक उम्मीदवारों की जॉइनिंग में देरी पर शिकायत की।
मुंबई स्थित आईटी कर्मचारियों के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन नेसेन्ट इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एम्प्लॉइज सीनेट (नाइट्स) ने विप्रो लिमिटेड की एलीट हायरिंग 2025 प्रक्रिया में चयनित 200 से अधिक छात्रों और युवा इंजीनियरों की जॉइनिंग में कथित देरी को लेकर केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया को लिखित शिकायत भेजी है।
संगठन ने अपनी शिकायत में उम्मीदवारों की जॉइनिंग में हो रही देरी को “लंबी और अस्पष्ट देरी” बताया है। नाइट्स के अध्यक्ष और बॉम्बे हाई कोर्ट के अधिवक्ता हरप्रीत सिंह सलूजा ने केंद्रीय श्रम मंत्री को भेजे पत्र में इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
पत्र के अनुसार, प्रभावित छात्रों और युवा इंजीनियरों ने 1 फरवरी 2025 को विप्रो की कैंपस भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लिया था। उम्मीदवारों ने उसी महीने भर्ती प्रक्रिया के अगले चरणों को भी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया था।
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इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित उम्मीदवारों को 22 जुलाई 2025 को विप्रो की ओर से ऑफर लेटर जारी किए गए। इसके बाद अगस्त 2025 में उन्हें ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ भी प्रदान किए गए।
नाइट्स का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न चरणों को सफलतापूर्वक पूरा करने और आधिकारिक दस्तावेज प्राप्त करने के बावजूद इन उम्मीदवारों की जॉइनिंग को लेकर अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। इससे 200 से अधिक छात्रों और युवा इंजीनियरों के सामने रोजगार और करियर को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है।
संगठन ने श्रम मंत्रालय से मामले की जांच करने और विप्रो से जॉइनिंग में देरी के कारणों के बारे में जानकारी लेने की अपील की है। साथ ही उम्मीदवारों की समस्या का जल्द समाधान कराने की मांग की गई है।
नाइट्स की शिकायत के बाद अब उम्मीदवारों को उम्मीद है कि श्रम मंत्रालय इस मामले में आवश्यक कदम उठाएगा और विप्रो की ओर से जॉइनिंग की स्पष्ट समयसीमा सामने आएगी।
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