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जयराम रमेश का आरोप: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में जवाब के दौरान परिसीमन पर विपक्ष की चिंता को नजरअंदाज किया

जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने लोकसभा में अपने भाषण में परिसीमन पर विपक्ष की चिंताओं को नजरअंदाज किया और कोई ठोस जवाब नहीं दिया।

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने गुरुवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में अपने करीब 40 मिनट के संबोधन के दौरान परिसीमन (डिलिमिटेशन) विधेयक को लेकर विपक्ष की चिंताओं पर कोई ठोस जवाब नहीं दिया।

जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री के भाषण में विपक्ष द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण सवालों को या तो पूरी तरह नजरअंदाज किया गया या उनका स्पष्ट समाधान नहीं दिया गया। उन्होंने दावा किया कि सरकार इस मुद्दे पर विपक्ष की सहमति और चिंताओं को गंभीरता से नहीं ले रही है।

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि परिसीमन जैसे संवेदनशील मुद्दे पर व्यापक चर्चा और पारदर्शिता आवश्यक है, क्योंकि इससे देश के संघीय ढांचे और राज्यों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है।

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उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में केवल सरकार के दृष्टिकोण को रखा, लेकिन विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों—विशेषकर राज्यों के बीच सीटों के संभावित पुनर्वितरण और उसके प्रभाव—पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

जयराम रमेश ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में सभी पक्षों की आवाज सुनी जानी चाहिए और केवल सत्ता पक्ष की बात को ही अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता।

विपक्षी दलों का कहना है कि परिसीमन प्रक्रिया को लेकर अधिक पारदर्शिता और सहमति की जरूरत है, ताकि किसी भी राज्य के राजनीतिक संतुलन पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

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