जैश कमांडर के मारे जाने से पहले पुलिस ने बंधक बने नागरिकों को सुरक्षित निकाला
कठुआ में जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर उस्मान को मुठभेड़ में मार गिराया गया। कार्रवाई से पहले पुलिस ने उसके द्वारा बंधक बनाए गए नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शुक्रवार को जैश-ए-मोहम्मद के स्वयंभू कमांडर उस्मान को एक मुठभेड़ में मार गिराया। हालांकि, इस अभियान से पहले पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि उस्मान ने कठुआ जिले के परहेतर गांव के एक घर में स्थानीय नागरिकों को बंधक बना रखा था। पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ शुरू करने से पहले बंधक बनाए गए सभी नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालना प्राथमिकता थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मोनिता शर्मा ने जानकारी दी कि सुरक्षा बलों को खुफिया सूचना मिली थी कि एक आतंकी कठुआ जिले के एक गांव में छिपा हुआ है। इस सूचना के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं।
जैसे ही सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी की, उस्मान ने एक घर में शरण ले ली और वहां मौजूद लोगों को बंधक बना लिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई। पुलिस ने सूझबूझ और सतर्कता से काम लेते हुए पहले बंधक नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
नागरिकों को सुरक्षित निकालने के बाद पुलिस की एक छोटी विशेष टीम उस कमरे में दाखिल हुई, जहां उस्मान छिपा हुआ था। इसके बाद हुई मुठभेड़ में आतंकी मारा गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे अभियान के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी निर्दोष नागरिक को नुकसान न पहुंचे।
पुलिस का कहना है कि यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ चल रही कार्रवाई का हिस्सा है और ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे, जो आम नागरिकों की जान को खतरे में डालते हैं।
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