JEE Advanced 2026: AIR 32 हासिल करने वाले मोहम्मद अहमद खान ने भाई के लिए छोड़ी IIT बॉम्बे की सीट, दोनों ने चुना साथ का सफर
जेईई एडवांस 2026 में जुड़वा भाइयों मोहम्मद अहमद खान और मसरूर अहमद खान ने शानदार रैंक हासिल की। बड़े भाई ने IIT बॉम्बे छोड़कर भाई के साथ IIT कानपुर चुना।
जेईई एडवांस 2026 के परिणाम में हजारों छात्रों ने सफलता हासिल की, लेकिन जुड़वा भाइयों मोहम्मद अहमद खान और मसरूर अहमद खान की कहानी सबसे अलग रही। दोनों भाइयों ने शानदार रैंक हासिल करने के साथ ही अपने फैसले से रिश्तों की अहमियत का भी उदाहरण पेश किया।
दोनों भाइयों ने लंबे समय तक साथ रहकर पढ़ाई की। उन्होंने राजस्थान के कोटा में एक साथ जेईई की तैयारी की और अब भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में भी साथ रहने का फैसला किया है।
मोहम्मद अहमद खान ने जेईई एडवांस 2026 में ऑल इंडिया रैंक (एआईआर) 32 हासिल की, जबकि उनके जुड़वा भाई मसरूर अहमद खान को एआईआर 160 मिली। मोहम्मद की इस शानदार रैंक के आधार पर उन्हें आईआईटी बॉम्बे में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की प्रतिष्ठित सीट आसानी से मिल सकती थी।
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हालांकि, मसरूर को उसी संस्थान में उसी ब्रांच में सीट मिलने की संभावना नहीं थी। ऐसे में दोनों भाइयों ने अलग-अलग संस्थानों में जाने के बजाय साथ रहने का फैसला किया। मोहम्मद ने आईआईटी बॉम्बे की सीट छोड़कर आईआईटी कानपुर में अपने भाई के साथ कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने का निर्णय लिया।
मोहम्मद ने कहा कि उन्हें अपने भाई के साथ रहने के फैसले पर कोई पछतावा नहीं है। उनके लिए भाई का साथ सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। वहीं मसरूर ने कहा कि बड़े भाई का यह निर्णय उनके लिए जीवन का सबसे बड़ा उपहार है।
आईआईटी कानपुर पहुंचने के बाद शुरुआत में दोनों भाइयों को अलग-अलग कमरे मिले थे। इसके बाद उन्होंने संस्थान प्रशासन से एक ही कमरे में रहने की अनुमति मांगी। उनकी अपील स्वीकार कर ली गई और अब दोनों भाई हॉस्टल में साथ रहकर अपनी पढ़ाई जारी रखेंगे।
दोनों की सफलता के पीछे माता-पिता का भी बड़ा योगदान रहा। उनकी मां डॉ. जीनत बेगम ने बेटों की पढ़ाई के लिए अपनी नौकरी छोड़कर कोटा में उनके साथ समय बिताया। वहीं पिता डॉ. मंसूर खान, जो मेडिसिन विशेषज्ञ हैं, ने भी बच्चों को लगातार प्रोत्साहित किया।
परिवार के त्याग, अनुशासन और दोनों भाइयों की मेहनत ने इस प्रेरणादायक सफलता की कहानी को जन्म दिया है, जो लाखों जेईई अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है।