बंगाल में निपाह के संदिग्ध मामले मिलने के बाद झारखंड में अलर्ट जारी
पश्चिम बंगाल में निपाह के दो संदिग्ध मामलों के बाद झारखंड में अलर्ट जारी किया गया है। राज्य सरकार ने सख्त निगरानी, त्वरित रिपोर्टिंग और जन-जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामलों के सामने आने के बाद झारखंड में सतर्कता बढ़ा दी गई है। एक अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार ने एहतियातन अलर्ट जारी करते हुए सभी जिलों को निगरानी और जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्रालय ने निपाह वायरस को लेकर निगरानी व्यवस्था, त्वरित रिपोर्टिंग प्रणाली और जन-जागरूकता से संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, निपाह वायरस एक अधिसूचित (नोटिफायबल) बीमारी है, जिसमें मृत्यु दर काफी अधिक होती है और इसके तेजी से फैलने की आशंका रहती है। ऐसे में किसी भी संदिग्ध मामले की तुरंत जानकारी केंद्र सरकार को देना अनिवार्य है।
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने एक बयान में कहा, “मैंने निर्देश दिया है कि सभी जिलों में सख्त निगरानी, तेज रिपोर्टिंग सिस्टम और व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम लागू किए जाएं, ताकि लोगों को बीमारी के लक्षण, बचाव और सावधानियों की पूरी जानकारी मिल सके और झारखंड में किसी भी तरह के प्रकोप को रोका जा सके।”
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इससे पहले, पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार (12 जनवरी) को जानकारी दी थी कि उत्तर 24 परगना जिले के एक निजी अस्पताल में कार्यरत दो नर्सों में निपाह वायरस जैसे लक्षण पाए गए हैं। इसके बाद से स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है और सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके और समय रहते आवश्यक चिकित्सा कदम उठाए जा सकें।
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