अमेरिकी टैरिफ कट का जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने स्वागत किया, तेल को लेकर जताई चिंता
सीएम उमर अब्दुल्लाह ने अमेरिकी टैरिफ कट का स्वागत किया, लेकिन तेल आपूर्ति, ईंधन कीमतों और कश्मीरियों के उत्पीड़न पर चिंता जताते हुए संतुलित रुख अपनाया।
जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने के फैसले का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही रूस से तेल खरीद को लेकर उत्पन्न हालात पर सावधानी भी जताई है। यह टैरिफ कट भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद रोकने के बदले किया गया है।
उमर अब्दुल्लाह ने कहा कि इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर कुल 50 प्रतिशत शुल्क लगाया था, जिसमें रूस से तेल खरीदने पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त ‘दंडात्मक’ टैरिफ भी शामिल था। इन ऊंचे शुल्कों से भारत और भारतीय कारोबारियों को नुकसान हो रहा था। अब टैरिफ कम होने से अमेरिका को होने वाला भारतीय निर्यात बढ़ेगा और उन निर्यातकों को राहत मिलेगी, जो व्यापार घाटे की आशंका से जूझ रहे थे।
विधानसभा भवन के बाहर बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि टैरिफ लगाने का कारण स्पष्ट था। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने से नाराज़ थे। हालांकि, उन्होंने अन्य विपक्षी नेताओं की तरह इस फैसले की घोषणा के तरीके पर सवाल भी उठाए।
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उमर अब्दुल्लाह ने यह भी चिंता जताई कि क्या केंद्र सरकार ने ऊर्जा की भारी मांग वाले देश भारत के लिए तेल का कोई वैकल्पिक स्रोत तय किया है और क्या इससे डीजल, पेट्रोल व अन्य ईंधनों की कीमतें बढ़ेंगी। ट्रंप ने कहा था कि भारत अमेरिका और संभवतः वेनेजुएला से तेल खरीदेगा, हालांकि सरकारी सूत्रों के अनुसार भारत केवल उन देशों से तेल खरीदेगा जो प्रतिबंधों के दायरे में नहीं हैं।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री ने कहा कि टैरिफ में कमी से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, उन्होंने अन्य राज्यों में कश्मीरियों को निशाना बनाए जाने के मामलों पर चिंता जताई और कहा कि उन्होंने उत्तरी राज्यों के मुख्यमंत्रियों तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से छात्रों और व्यापारियों के उत्पीड़न को रोकने का आग्रह किया है।
खेलों पर बात करते हुए उमर अब्दुल्लाह ने कहा कि खेल और राजनीति के घालमेल से समस्याएं पैदा होती हैं। उन्होंने 2026 टी20 विश्व कप में भारत के खिलाफ पाकिस्तान के बहिष्कार का जिक्र करते हुए भारत-पाक क्रिकेट मैचों को ‘सामान्य’ खेल की तरह देखने की अपील की।
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