कर्नाटक के मुख्यमंत्री शिवकुमार ने 15 दिन की कार्ययोजना बनाई, सभी विभागों में जमीनी निगरानी के निर्देश
कर्नाटक के मुख्यमंत्री शिवकुमार ने प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के लिए 15 दिन की कार्ययोजना लागू करने और सभी विभागों में जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री शिवकुमार ने राज्य में प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के लिए 15 दिन की विशेष कार्ययोजना लागू करने का निर्देश दिया है। इस योजना के तहत सभी विभागों को जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ाने और योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करने के लिए कहा गया है।
बेंगलुरु में वरिष्ठ नौकरशाहों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को केवल कार्यालयों तक सीमित रहने के बजाय क्षेत्र में जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करना चाहिए।
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार धर्म, जाति, प्रभाव या किसी अन्य आधार पर पक्षपात में विश्वास नहीं करती है। सरकार का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं का समाधान करना और विकास कार्यों को गति देना है।
बैठक में विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा की गई और अधिकारियों को लंबित परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता की शिकायतों के निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाए और प्रत्येक विभाग अपने प्रदर्शन की नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करे। सरकार चाहती है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक पारदर्शी तथा जवाबदेह बने।
मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि आगामी दिनों में विभागों के कार्यों की समीक्षा और निगरानी को और सख्त किया जाएगा। उनका मानना है कि प्रभावी निगरानी और जवाबदेही से शासन व्यवस्था में सुधार होगा तथा जनता का सरकार पर विश्वास मजबूत होगा।