×
 

कर्नाटक श्रम विभाग की बड़ी योजना: घायल मजदूरों के लिए 3 एयर एंबुलेंस हेलीकॉप्टर खरीदने पर विचार

कर्नाटक श्रम विभाग घायल मजदूरों को समय पर इलाज दिलाने के लिए तीन हेलीकॉप्टर खरीदने पर विचार कर रहा है, जिन्हें एयर एंबुलेंस के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।

कर्नाटक का श्रम विभाग राज्य में कामगारों की सुरक्षा और समय पर इलाज सुनिश्चित करने के लिए एक अहम योजना पर विचार कर रहा है। प्रस्ताव के अनुसार, विभाग तीन हेलीकॉप्टर खरीद सकता है, जिन्हें मुख्य रूप से एयर एंबुलेंस के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। इन हेलीकॉप्टरों के जरिए निर्माण स्थलों या अन्य दुर्घटनास्थलों पर घायल मजदूरों को तुरंत बड़े शहरों के अस्पतालों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि उन्हें समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।

शीर्ष सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह प्रस्ताव प्रारंभिक चरण में है, लेकिन यदि सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो कर्नाटक देश के उन गिने-चुने राज्यों में शामिल हो सकता है, जहां मजदूरों के लिए विशेष हवाई एंबुलेंस सेवा उपलब्ध होगी। अधिकारियों का मानना है कि निर्माण स्थलों पर होने वाली दुर्घटनाओं में समय पर इलाज न मिल पाने के कारण कई बार गंभीर परिणाम सामने आते हैं। एयर एंबुलेंस सेवा से इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए श्रम विभाग ‘बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स फंड’ का उपयोग कर सकता है। यह फंड विशेष रूप से निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए बनाया गया है और इसका उद्देश्य मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य लाभ प्रदान करना है। हेलीकॉप्टर खरीदने का खर्च इसी फंड से वहन किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

और पढ़ें: प्रदूषण प्रतिबंधों से प्रभावित मजदूरों को दिल्ली सरकार देगी ₹10,000 की सहायता राशि

इसी बीच, श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी हाल ही में नागरिक उड्डयन से जुड़े ‘ध्रुव-न्यू जेनरेशन (एनजी)’ हेलीकॉप्टर के लॉन्च कार्यक्रम में शामिल हुए। यह हेलीकॉप्टर हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा निर्मित किया जा रहा है और इसे आपातकालीन सेवाओं के लिए उपयुक्त माना जा रहा है।

सरकार का मानना है कि आधुनिक हेलीकॉप्टरों के इस्तेमाल से न केवल मजदूरों की जान बचाई जा सकेगी, बल्कि यह कदम राज्य में श्रमिक कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाएगा।

और पढ़ें: यहाँ समय मायने नहीं रखता: स्वर्ण मंदिर में दुर्लभ भित्तिचित्र का संरक्षण और 200 साल पुराना कांगड़ा संबंध

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share