कर्नाटक लोकायुक्त की राज्यभर में एक साथ छापेमारी, आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच तेज
कर्नाटक लोकायुक्त ने आय से अधिक संपत्ति मामले में राज्यभर में 12 जगहों पर एक साथ छापेमारी की। पंचायत राज इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों पर जांच जारी है।
कर्नाटक में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त अधिकारियों ने राज्यभर में एक साथ छापेमारी की है। यह कार्रवाई कथित आय से अधिक संपत्ति (डिसप्रोपोर्शनट एसेट्स) के मामलों को लेकर की गई है। इस अचानक हुई कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, कुल 12 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। यह कार्रवाई तीन वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में 12 अलग-अलग टीमों द्वारा अंजाम दी गई। छापेमारी का नेतृत्व दावणगेरे लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक (एसपी) एम.एस. कौलापुरे ने किया।
लोकायुक्त टीमों ने पंचायत राज इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के आवासों और अन्य ठिकानों पर भी तलाशी ली। जांच एजेंसियों को संदेह है कि कई मामलों में अधिकारियों ने अपनी आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है, जिसके दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच की जा रही है।
छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, संपत्ति से जुड़े कागजात, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा की जांच की गई। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में कई संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के संकेत मिले हैं, जिनकी विस्तृत जांच जारी है।
लोकायुक्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और सरकारी तंत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राज्यभर में एक साथ हुई इस कार्रवाई ने सरकारी विभागों में हलचल बढ़ा दी है। कई स्थानों पर स्थानीय पुलिस बल भी तैनात किया गया ताकि जांच में किसी प्रकार की बाधा न आए।
लोकायुक्त अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में और भी छापेमारी संभव है, क्योंकि प्रारंभिक जांच में कई नए नाम सामने आ सकते हैं।
और पढ़ें: एयर इंडिया एक्सप्रेस ने पुणे-अमृतसर के बीच दैनिक सीधी उड़ान शुरू की, यात्रियों को बड़ी सुविधा