मुस्लिम विद्वान की टिप्पणी पर विवाद के बाद केरल की टीवी एंकर के खिलाफ पुलिस मामला दर्ज
केरल में मुस्लिम महिलाओं पर विद्वान कांतापुरम ए.पी. अबूबकर मुसलियार की टिप्पणी से शुरू विवाद टीवी बहस तक पहुंचा। एंकर और पैनलिस्ट के खिलाफ अलग-अलग पुलिस मामले दर्ज हुए।
केरल में मुस्लिम महिलाओं और सार्वजनिक जीवन में उनकी भागीदारी को लेकर सुन्नी विद्वान कांतापुरम ए.पी. अबूबकर मुसलियार की टिप्पणियों पर हुई टीवी बहस विवाद में घिर गई है। बहस के दौरान एंकर की टिप्पणियों को लेकर कोच्चि पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
कोच्चि सिटी साइबर पुलिस ने सोमवार को मलयालम टीवी पत्रकार अपर्णा कुरुप के खिलाफ मामला दर्ज किया। यह कार्रवाई कासरगोड निवासी अब्दुल हकीम बी.एम. की शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत में बहस के दौरान एंकर द्वारा की गई टिप्पणियों को आधार बनाया गया है। विवाद बढ़ने के बाद टीवी चैनल ने कार्यक्रम को हटा दिया था।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 192 समेत कई प्रावधान लगाए हैं। धारा 192 दंगा भड़काने के इरादे से उकसावे से संबंधित है, जबकि धारा 299 धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर आहत करने वाले कृत्यों से जुड़ी है।
इससे कुछ दिन पहले अपर्णा कुरुप की शिकायत पर भी पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इसमें केरल के विजडम इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन की छात्र शाखा विजडम स्टूडेंट्स के उपाध्यक्ष अब्दुल्ला बासिल सी.पी. और एक अज्ञात व्यक्ति को आरोपी बनाया गया था। बासिल इसी टीवी बहस में शामिल हुए थे।
कुरुप ने आरोप लगाया था कि कार्यक्रम के बाद सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उनकी मानहानि की गई और उनकी सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ। वहीं, बासिल ने बहस की शुरुआत में की गई कथित इस्लामोफोबिक टिप्पणियों की आलोचना करते हुए वीडियो जारी किया था। पत्रकार और चैनल दोनों पहले विवादित टिप्पणियों पर खेद जता चुके हैं।
विवाद की शुरुआत कांतापुरम ए.पी. अबूबकर मुसलियार की उस टिप्पणी से हुई थी, जिसमें उन्होंने धार्मिक समारोहों के दौरान मुस्लिम महिलाओं को गैर-रिश्तेदार पुरुषों के साथ सार्वजनिक स्थान साझा करने से बचने की सलाह दी थी। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने इसे 21वीं सदी की प्रगतिशील सोच के विपरीत बताया।
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