केरल बंद कल: जानिए क्या रहेगा बंद और क्या रहेगा खुला
केरल में 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल से जनजीवन प्रभावित रहेगा। सरकारी दफ्तर, बैंक, स्कूल और परिवहन प्रभावित होंगे, जबकि अस्पताल, दूध और आपात सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी।
केरल में 12 फरवरी को होने वाले राष्ट्रव्यापी हड़ताल के आह्वान के चलते बड़े पैमाने पर जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है। संयुक्त ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाए गए इस बंद का असर सरकारी कार्यालयों, बैंकों, स्कूलों, उद्योगों और कई अन्य क्षेत्रों पर पड़ सकता है। 24 घंटे तक औद्योगिक, कृषि और व्यावसायिक गतिविधियां बंद रहने की संभावना है, जबकि सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
हालांकि, ट्रेड यूनियनों ने सबरीमाला के श्रद्धालुओं और मारामोन कन्वेंशन के प्रतिभागियों को बंद से छूट देने की घोषणा की है। इसके कारण पथानामथिट्टा जिले के कोझेंचेरी और थोत्तापुझास्सेरी पंचायतों में बंद का असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि वहां फिलहाल मारामोन कन्वेंशन चल रहा है।
बंद के दौरान दूध आपूर्ति, अखबार वितरण, अस्पताल, मेडिकल स्टोर, फायर और रेस्क्यू सेवाएं तथा एंबुलेंस जैसी आवश्यक सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। कई किसान संगठनों और राजनीतिक दलों, जिनमें सीपीएम और सीपीआई शामिल हैं, ने हड़ताल को समर्थन दिया है। राज्य सरकारी कर्मचारी, शिक्षक संगठन और बैंकिंग, बीमा, रक्षा, रेलवे, बंदरगाह और नौसेना से जुड़े यूनियन भी इसमें भाग लेंगे।
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इसके अलावा, रेहड़ी-पटरी विक्रेता, योजना कार्यकर्ता, हेडलोड वर्कर, प्रेस कर्मचारी और गिग वर्कर भी हड़ताल में शामिल होंगे। ट्रेड यूनियन नेताओं का कहना है कि हड़ताल का असर आईटी सेक्टर, छोटे उद्योगों, बागानों, बिजली सेवाओं और कंटेनर फ्रेट स्टेशनों पर भी पड़ सकता है। केएसआरटीसी बस सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है।
हड़ताल का उद्देश्य केंद्र सरकार की श्रम सुधार नीतियों और आर्थिक फैसलों के खिलाफ विरोध दर्ज कराना है। यूनियनों का दावा है कि नए श्रम कानूनों से श्रमिकों की सुरक्षा कम होती है और नियुक्ति तथा छंटनी आसान हो जाती है। देशभर में 30 करोड़ से अधिक मजदूरों के हड़ताल में शामिल होने की उम्मीद है।