चुनावी केरल में बड़े ऐलान और लोकलुभावन योजनाएँ: 2026-27 का राज्य बजट पेश
चुनाव से पहले केरल सरकार ने 2026-27 बजट में मुफ्त स्नातक शिक्षा, वेतन आयोग, आश्वस्त पेंशन योजना और कई कल्याणकारी व विकास संबंधी घोषणाएँ कीं।
विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहे केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार ने 2026-27 का राज्य बजट पेश करते हुए बड़े ऐलानों और लोकलुभावन कल्याणकारी योजनाओं पर जोर दिया है। वित्त मंत्री के.एन. बालगोपाल ने गुरुवार (29 जनवरी, 2026) को विधानसभा में मौजूदा सरकार का अंतिम बजट प्रस्तुत किया।
अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कला और विज्ञान कॉलेजों में स्नातक शिक्षा को पूरी तरह निशुल्क करने का प्रस्ताव रखा, जिसे एक बड़ा और दूरगामी फैसला माना जा रहा है। इसके अलावा, सरकारी कर्मचारियों के लिए 12वें वेतन पुनरीक्षण आयोग (12th Pay Revision Commission) के गठन और 1 अप्रैल से लागू होने वाली आश्वस्त पेंशन योजना (Assured Pension Scheme) की भी घोषणा की गई।
के.एन. बालगोपाल का यह बजट भाषण केरल विधानसभा के इतिहास में चौथा सबसे लंबा भाषण रहा। इसमें विभिन्न सामाजिक वर्गों को ध्यान में रखते हुए कई बीमा योजनाओं, योजना कर्मियों के वेतन में बढ़ोतरी और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों की घोषणा की गई।
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बजट में राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (Rare Earth Elements) और रक्षा से जुड़े उद्योगों के लिए उच्चस्तरीय विकास कॉरिडोर स्थापित करने का प्रस्ताव भी शामिल है। सरकार का मानना है कि इससे केरल में निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और कल्याणकारी राज्य की अवधारणा को मजबूत करता है। चुनाव से पहले पेश किए गए इस बजट को एलडीएफ सरकार की जनता को साधने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, 2026-27 का केरल बजट शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और औद्योगिक विकास को संतुलित रूप से आगे बढ़ाने का प्रयास करता नजर आता है।