गर्व कीजिए: एलन मस्क का हवाला देकर किरेन रिजिजू ने भारत की अर्थव्यवस्था पर राहुल गांधी को घेरा
एलन मस्क के भारत समर्थक आर्थिक आंकड़ों का हवाला देकर किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी की आलोचना का जवाब दिया और कहा कि सरकार की आलोचना करें, लेकिन भारत की उपलब्धियों को कम न आंकें।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की आलोचनाओं पर पलटवार करते हुए टेस्ला के सीईओ और दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क के बयान का हवाला दिया है। रिजिजू ने कहा कि सरकार की आलोचना करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन देश की उपलब्धियों को कमतर आंकना या भारत को नीचा दिखाना उचित नहीं है।
रविवार को एलन मस्क ने एक सूची साझा की, जिसमें कहा गया कि वर्ष 2026 में वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में चीन और भारत की संयुक्त हिस्सेदारी 43.6 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है। इस सूची के अनुसार, अमेरिका 9.9 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ तीसरे स्थान पर रहेगा। यह आंकड़े अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के डेटा पर आधारित बताए गए हैं। मस्क ने लिखा, “शक्ति संतुलन बदल रहा है।”
किरन रिजिजू ने कहा, “मैं आमतौर पर गैर-भारतीयों के बयानों पर प्रतिक्रिया नहीं देता, लेकिन एलन मस्क का हवाला केवल राहुल गांधी को सचेत करने के लिए दे रहा हूं। सरकार की आलोचना करना ठीक है, पर भारत को बदनाम न करें और उसकी उपलब्धियों को कम न आंकें।”
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एलन मस्क, जो भारत की आर्थिक प्रगति पर लगातार नजर रख रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दो बार मुलाकात भी कर चुके हैं, की टिप्पणी को वैश्विक अर्थव्यवस्था में एशिया की बढ़ती भूमिका के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत इस बदलाव की अगुवाई करता नजर आ रहा है।
जनवरी 2026 में IMF ने भारत की वित्त वर्ष 2025-26 की आर्थिक विकास दर का अनुमान 0.7 प्रतिशत बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया था। IMF की संचार विभाग प्रमुख जूली कोजैक ने भारत को “दुनिया के लिए एक प्रमुख विकास इंजन” बताया था।
दरअसल, रिजिजू की प्रतिक्रिया उस समय आई जब राहुल गांधी ने केंद्रीय बजट 2026 पेश किए जाने के बाद बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और घरेलू बचत में गिरावट जैसे मुद्दों को लेकर सरकार की आलोचना की थी। उन्होंने बजट को “भारत के वास्तविक संकटों से आंख मूंदने वाला” करार दिया था।
इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी जवाब देते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है और किसी ‘कोर्स करेक्शन’ की जरूरत नहीं है।
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